ईरान में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है और कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। ईरान के हालात चिंताजनक हैं और US और ईरान के बीच टकराव की आशंका है। इससे दुनिया भर के देश अलर्ट पर हैं और भारत ने भी अपने नागरिकों से ईरान छोड़ने की अपील की है।
इस बीच, ईरान से भारतीयों को लेकर पहला प्लेन दिल्ली आने वाला है। यह प्लेन शुक्रवार (16जनवरी)को दिल्ली आएगा, जिसमें 300 लोग सवार होंगे। US की तरफ से ईरान पर एयर स्ट्राइक का खतरा है और इसी वजह से भारतीय दूतावास ने लोगों से यहां से निकलने की अपील की है। तेहरान ने कमर्शियल फ्लाइट्स के लिए अपना एयरस्पेस कुछ समय के लिए बंद कर दिया था।
ईरान में रह रहे भारतीयों के लिए खतरनाक हालात पैदा हो गए हैं। ऐसे में विदेश मंत्रालय उन्हें निकालने की तैयारी पहले से ही कर रहा है। इसी के तहत पहला प्लेन आज 300 भारतीयों को लेकर दिल्ली आएगा। इसके लिए भारत सरकार कई एयरलाइंस से संपर्क कर रही है और ईरान से लोगों को लाने के लिए चार्टर फ्लाइट्स का भी इंतजाम किया जा रहा है। ‘हिंदुस्तान समाचार’ ने इसकी रिपोर्ट की है। विपक्ष के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने भी सरकार से कई बार अपील की है कि ईरान में फंसे लोगों को निकालने का इंतज़ाम किया जाए। ईरान में करीब 5,000 भारतीय स्टूडेंट पढ़ रहे हैं। कुल 10,000 भारतीय ईरान में हैं। सरकार उनकी सुरक्षा का ध्यान रख रही है और उन्हें निकालने की तैयारी कर रही है।
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि ईरान में पढ़ रहे 70 से 80 बच्चों के परिवारों ने उनसे अपील की है और उन्हें वापस लाने में मदद मांगी है। ये स्टूडेंट ईरान की शाहिद बेहेश्टी यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे सैकड़ों स्टूडेंट अभी ईरान में फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि एक और दिक्कत यह है कि कुछ बच्चे गरीब परिवारों से हैं और उनके पास टिकट खरीदने के भी पैसे नहीं हैं। ऐसे में, सरकार से ही इन लोगों को वापस लाने की उम्मीद है।
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