ईरानी हमलों से तेल अवीव में 1,000 से अधिक घर अब नहीं रहने के लायक नहीं

ईरानी हमलों से तेल अवीव में 1,000 से अधिक घर अब नहीं रहने के लायक नहीं

Iranian attacks render over 1,000 homes in Tel Aviv uninhabitable

पश्चिम एशिया में जारी ईरान बनाम अमरीका और इजराइल के युद्ध के कारण इज़राइल के प्रमुख शहर तेल अवीव को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। शहर के मेयर रॉन हुलदई ने शनिवार (18 अप्रैल) को बताया कि ईरान की ओर से किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण 1,000 से अधिक घर अब रहने योग्य नहीं बचे हैं।

इज़राइली मीडिया चैनल 12 से बातचीत में हुलदई ने बताया, तेल अवीव में 1,000 से ज़्यादा अपार्टमेंट अब रहने लायक नहीं रहे क्योंकि इन इमारतों को ईरानी हमलों और उनसे हुए नुकसान ने बुरी तरह प्रभावित किया है।

बता दें की, ईरान के खिलाफ इजराइल और अमेरिका द्वारा 28 फरवरी को खुला युद्ध छेड़ा गया। हालाँकि इससे पहले ईरान इजराइल के खिलाफ हिज्बुल्लाह, हमास और हौथी जैसे आतंकी संघटनों को आर्थिक और शस्त्र मदद पहुंचता रहा। इजराइल के खुले हमलों के जवाब में ईरान ने इज़राइल के कई प्रमुख शहरों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिनमें तेल अवीव भी शामिल है। पिछले छह सप्ताह से जारी इस संघर्ष ने क्षेत्र में तनाव को लगातार बढ़ाया है।

मेयर के अनुसार, कई बार मिसाइलों को रोकने की कोशिश के दौरान उनके टुकड़े भी इमारतों पर गिरे, जिससे तेल अवीव, रमात गन और बनी ब्राक जैसे इलाकों में भारी नुकसान हुआ। इन घटनाओं में कई लोगों की मौत और दर्जनों के घायल होने की भी खबर है। साथ ही, बड़ी संख्या में मकान, वाहन और सार्वजनिक ढांचा क्षतिग्रस्त हुआ है।

इज़राइली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान और लेबनान के साथ लगभग 40 दिनों तक चले इस युद्ध में इज़राइल को करीब 17.5 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। हालांकि, इसमें पुनर्निर्माण की लागत और युद्ध के दौरान अर्थव्यवस्था के आंशिक ठप होने से हुए नुकसान को शामिल नहीं किया गया है। इज़राइल टैक्स अथॉरिटी के मुआवजा फंड में अब तक लगभग 30,000 लोगों ने संपत्ति के नुकसान के दावे किए हैं। इनमें 18,408 दावे इमारतों से जुड़े हैं, 2,594 उपकरणों से और 6,617 वाहनों से संबंधित हैं।

इज़राइली आर्थिक वेबसाइट कैलकलिस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष जून में ईरान के साथ दो दिन के संघर्ष में ही करीब 3 अरब शेकेल (लगभग 1 अरब डॉलर) का मुआवजा बाँटना पड़ा था। वहीं, वित्त मंत्रालय का अनुमान है कि 28 फरवरी से 8 अप्रैल तक चले संघर्ष के लिए मुआवजा लागत 6.5 अरब शेकेल तक पहुंच सकती है।

8 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुई बातचीत के बाद संघर्षविराम लागू हुआ था। हालांकि, दूसरे चरण की वार्ता में स्थायी समाधान नहीं निकल सका, जिससे स्थिति अब भी अनिश्चित बनी हुई है। तेल अवीव में हुए व्यापक नुकसान और बढ़ते आर्थिक दबाव ने इस संघर्ष के दीर्घकालिक प्रभावों को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं।

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