पाकिस्तानी ISI कनेक्शन का किया खुलासा; भारत की छवि बिगाड़ने वाला विदेशी व्लॉगर्स घिरा

कई उपयोगकर्ताओं कहा, यह एक सोशल मीडिया ट्रेंड नहीं बल्कि सूचना युद्ध (Information Warfare) है

पाकिस्तानी ISI कनेक्शन का किया खुलासा; भारत की छवि बिगाड़ने वाला विदेशी व्लॉगर्स घिरा

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सोशल मीडिया पर इस समय विदेशी ट्रैवल व्लॉगर्स को लेकर जबरदस्त नाराज़गी देखी जा रही है। कई पोस्ट्स में आरोप लगाया गया है कि कुछ विदेशी पर्यटक जानबूझकर भारत की गरीबी और पिछड़ेपन को केंद्र में रखकर वीडियो बना रहे हैं ताकि देश की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूमिल की जा सके। नेटिज़न्स का दावा है कि इस प्रोपेगैंडा के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और उससे जुड़ी कंपनियों का हाथ है।

एक वायरल पोस्ट में एक यूज़र ने लिखा, “अब तक यह साफ़ हो जाना चाहिए कि कुछ विदेशी भारत क्यों आते हैं, वे अपने करियर की शुरुआत के लिए भारत का इस्तेमाल करते हैं। वे ऐसी जगहों पर जाते हैं जहां एक आम भारतीय भी नहीं जाएगा, $5 से कम कीमत वाले होटलों में ठहरते हैं और गरीबों के लिए बनी खाने की चीजें खाते हैं, ताकि भारत की एकतरफा गरीबी की तस्वीर पेश की जा सके।”

दौरान सोशल मीडीया उस यूज़र ने आगे लिखा, “यह ‘रेज-बेटिंग’ भारतीयों को गुस्से में ला देती है, और हम भावनात्मक होकर उन्हें वही देते हैं जो वे चाहते हैं। व्यूज़, जो उनके लिए पैसे में बदल जाते हैं। मैं ऐसे अनगिनत व्लॉगर्स के नाम बता सकता हूं जो भारत की गरीबी बेचकर अपना गुज़ारा कर रहे हैं।”

नेटिज़न्स ने विशेष रूप से एक पश्चिमी व्लॉगर ‘कैलम अब्रॉड’ को निशाने पर लिया है, जो वर्तमान में भारत का दौरा कर रहा है। कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने दावा किया है कि यह व्लॉगर पाकिस्तान स्थित कंपनी ‘स्विफ्टनाइन लिमिटेड’ से वित्तीय सहायता प्राप्त कर रहा है। एक यूज़र ने लिखा,“ISI से जुड़ी कंपनियां पश्चिमी पर्यटकों की भारत यात्राओं को फंड कर रही हैं ताकि भारत की छवि को धूमिल किया जा सके। यह एजेंडा फिर से उजागर किया जाना चाहिए।”

विवाद तब और भड़क गया जब Callum Abroad ने अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में जम्मू-कश्मीर को ‘Indian-occupied Kashmir’ बताया। इस टिप्पणी ने भारी आक्रोश पैदा किया। एक यूज़र ने विदेश मंत्रालय से सवाल पूछा,“क्या किसी विदेशी व्लॉगर को, जो भारत में टूरिस्ट वीज़ा पर आया है, जम्मू-कश्मीर को ‘Indian-occupied Kashmir’ कहने की अनुमति दी जा सकती है?”

दूसरे यूज़र्स ने लिखा, “@MEAIndia कृपया इस व्लॉगर को देश से निष्कासित करें। वह पाकिस्तान प्रायोजित व्यक्ति है और जम्मू-कश्मीर में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है।”

विवाद के बाद बताया जा रहा है कि संबंधित व्लॉगर ने अपना X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट लॉक कर दिया है। एक यूज़र ने लिखा, “इस नस्लवादी व्लॉगर ने अपना अकाउंट लॉक कर लिया है जब लोगों ने पता लगाया कि उसका ट्रैवल पाकिस्तान की SwiftNine Ltd. एजेंसी ने स्पॉन्सर किया था। अगर वह भारत में है, तो @NIA_India को उसे हिरासत में लेकर उसका पासपोर्ट ब्लैकलिस्ट करना चाहिए।”

कई उपयोगकर्ताओं कहा, यह एक सोशल मीडिया ट्रेंड नहीं बल्कि सूचना युद्ध (Information Warfare) है। एक यूज़र ने लिखा, “यह केवल नस्लवाद नहीं है, यह एक संगठित सूचना युद्ध है। हमारे पास चीन और पाकिस्तान से जुड़े सैकड़ों फर्जी अकाउंट हैं जिनका काम सिर्फ भारत विरोधी और अपमानजनक कंटेंट फैलाना है।”

सोशल मीडिया पर अब मांग उठ रही है कि ऐसे विदेशी कंटेंट क्रिएटर्स की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और जो भी भारत विरोधी बयानबाज़ी में लिप्त पाए जाएं, उनके वीज़ा रद्द किए जाएं। मामले पर फिलहाल विदेश मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन जनता का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है।

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