गाजा में मानवीय राहत के लिए इज़राइल का बड़ा फैसला: 27 जुलाई से हर दिन 10 घंटे का ‘टैक्टिकल पॉज़’

संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के समन्वय से उठाया गया है, ताकि राहत संगठनों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में सुविधा मिल सके।

गाजा में मानवीय राहत के लिए इज़राइल का बड़ा फैसला: 27 जुलाई से हर दिन 10 घंटे का ‘टैक्टिकल पॉज़’

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गाजा में बिगड़ते मानवीय संकट को देखते हुए इज़राइल ने एक बड़ा फैसला लिया है। इज़राइली सेना (आईडीएफ) ने रविवार को घोषणा की कि वह 27 जुलाई से गाजा के कुछ हिस्सों में हर दिन टैक्टिकल पॉज़ यानी रणनीतिक विराम लागू करेगी ताकि मानवीय सहायता की डिलीवरी में आसानी हो सके।

आईडीएफ के अनुसार, यह टैक्टिकल पॉज़ हर दिन सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक तीन क्षेत्रों — अल-मावासी, देइर अल-बलाह और गाजा सिटी — में लागू रहेगा। सेना का दावा है कि वह वर्तमान में इन इलाकों में सक्रिय सैन्य अभियान नहीं चला रही है, लेकिन बीते कुछ हफ्तों में इन स्थानों पर संघर्ष और हवाई हमले देखे गए हैं।

आईडीएफ ने यह भी बताया कि सहायता सामग्री और आम नागरिकों की आवाजाही के लिए सुरक्षित मार्ग बनाए गए हैं, जो रोज़ सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक खुले रहेंगे। यह कदम संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के समन्वय से उठाया गया है, ताकि राहत संगठनों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में सुविधा मिल सके।

इज़राइली सेना ने बयान में कहा, “आईडीएफ आतंकवादी संगठनों के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखेगी, लेकिन इसके साथ-साथ मानवीय प्रयासों का समर्थन भी करती रहेगी।”सेना ने यह भी संकेत दिया कि ज़रूरत पड़ने पर टैक्टिकल पॉज़ का दायरा और समय बढ़ाया जा सकता है।

इस घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इसे एक सकारात्मक कदम माना है, लेकिन साथ ही ज़मीन पर इसकी प्रभावशीलता पर भी नजर रखी जा रही है। गाजा में पिछले कई महीनों से जारी संघर्ष के बीच नागरिकों को भोजन, दवाओं और सुरक्षित पनाहगाह की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र और मानवीय संगठनों ने इज़राइल के इस फैसले का स्वागत किया है, लेकिन यह भी स्पष्ट किया है कि केवल अस्थायी विराम पर्याप्त नहीं, बल्कि सतत और बाधा-मुक्त सहायता पहुंच सुनिश्चित करना ज़रूरी है।

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