इजरायल के ईरान पर बड़े हवाई हमले, तेहरान का मेहराबाद एयरपोर्ट धुंआ-धुंआ

इजरायल के ईरान पर बड़े हवाई हमले, तेहरान का मेहराबाद एयरपोर्ट धुंआ-धुंआ

Israel launches major airstrikes on Iran, Tehran's Mehrabad Airport goes up in smoke

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच इजरायल ने शनिवार(7 मार्च) को ईरान की राजधानी तेहरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। इन हमलों में तेहरान के प्रमुख हवाई अड्डों में से एकमेहराबाद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा को निशाना बनाया गया, जहां हमले के तुरंत बाद भीषण आग लग गई। इसके बाद मेहराबाद एयरपोर्ट धुंआ-धुंआ हो गया।

सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में रनवे पर खड़े एक विमान को आग की लपटों में घिरा हुआ देखा जा सकता है, जबकि आसमान में घना काला धुआं उठता दिखाई दे रहा है। मेहराबाद एयरपोर्ट ईरान के सबसे व्यस्त विमानन केंद्रों में से एक माना जाता है और यहां घरेलू तथा कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन होता है।

इजरायली सेना ने बयान जारी कर कहा कि उसने तेहरान में व्यापक हमलों की लहर  शुरू की है, जिसमें ईरानी शासन से जुड़े कई ठिकानों को निशाना बनाया गया। हालांकि ताजा हमले में एयरपोर्ट के किन हिस्सों को नुकसान पहुंचा है, इसकी तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी है।

यह एयरपोर्ट इस सप्ताह पहले भी हमले का निशाना बन चुका है। 4 मार्च को इज़राइल ने दावा किया था कि उसने यहां मौजूद वायु रक्षा और निगरानी प्रणालियों को नष्ट करने के उद्देश्य से हमला किया था, जिन्हें वह अपने वायुसेना अभियानों के लिए खतरा मानता था।

पश्चिम एशिया में मौजूदा संकट 28 फरवरी को उस समय और गहरा गया, जब अमेरिका और इज़राइल ने मिलकर ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य हमले किए। अमेरिकी अभियान को इपिक फ्यूरीऔर इज़राइल के ऑपरेशन को लायन्स रोअर नाम दिया गया था। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई सहित कई वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों की मौत हो गई थी।

ईरान ने 1 मार्च को खामेनेई की मौत की पुष्टि करते हुए कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी थी। तेहरान ने कहा था कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को अमेरिकी क्षेत्र के समान माना जाएगा और उन पर जवाबी कार्रवाई की जाएगी।

इसके बाद से ईरान ने इज़राइल के साथ-साथ क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया है। मिसाइल और ड्रोन हमलों की घटनाएं बहरीन, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, सऊदी अरब और जॉर्डन जैसे देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों के खिलाफ दर्ज की गई हैं। विश्लेषकों का कहना है कि इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ता यह संघर्ष पूरे क्षेत्र में अस्थिरता को और बढ़ा सकता है। लगातार हो रहे हवाई हमलों और जवाबी कार्रवाई के बीच मध्य पूर्व में व्यापक युद्ध की आशंका भी गहराती जा रही है।

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