29.7 C
Mumbai
Saturday, May 2, 2026
होमदेश दुनियाईरानी हमलों से बचाव के लिए इज़राइल ने UAE को भेजा ‘आयरन...

ईरानी हमलों से बचाव के लिए इज़राइल ने UAE को भेजा ‘आयरन बीम’ लेजर सिस्टम

रक्षा सहयोग हुआ मजबूत

Google News Follow

Related

ईरान के साथ बढ़ते सैन्य तनाव के बीच इज़राइल ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को अपनी अत्याधुनिक लेजर आधारित रक्षा प्रणाली ‘आयरन बीम’ उपलब्ध कराई है। एक रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रणाली ड्रोन और कम दूरी की मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने में सक्षम है। इस कदम को दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग का अहम संकेत माना जा रहा है। साथ ही यह रक्षा सहयोग मध्य-आशिया के दो प्रमुख देशों के बीच वर्षों की नाराजगी और कलह के अंत का संकेत है।

आयरन बीम एक उन्नत लेजर प्रणाली है, जो कम दूरी के रॉकेट और ड्रोन को “वाष्पीकृत” करने की क्षमता रखती है। इसका इस्तेमाल पहली बार इज़राइल ने लेबनान से दागे गए हिज़्बुल्लाह के प्रोजेक्टाइल्स को रोकने के लिए किया था। अब इसी तकनीक का एक संस्करण यूएई को भेजा गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इज़राइल ने यूएई को सिर्फ आयरन डोम ही नहीं, बल्कि ‘स्पेक्ट्रो’ नामक एक उन्नत निगरानी प्रणाली भी दी है, जो लगभग 20 किलोमीटर की दूरी से आने वाले ड्रोन हमलों का पता लगा सकती है। इसके साथ ही इज़राइल ने अपने कई सैन्य कर्मियों को भी यूएई में तैनात किया है।

बताया गया है कि ईरान ने UAE पर 500 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें और 2,000 ड्रोन दागे थे। इस हमले के दौरान UAE ने बहु-स्तरीय वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय की, जिसमें इज़राइली उपकरण भी शामिल थे। अधिकांश हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया गया।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इज़राइल ने यूएई को जो सिस्टम भेजे, उनमें कई अभी विकास के चरण में थे या पूरी तरह से उसके अपने रक्षा नेटवर्क में एकीकृत भी नहीं थे। एक सूत्र के अनुसार, “इज़राइल ने तेजी से इन तकनीकों को तैयार कर सीधे UAE को उपलब्ध कराया, ताकि हमलों का मुकाबला किया जा सके।”

यह तैनाती दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग का एक बड़ा उदाहरण है। अब्राहम अकॉर्ड्स के तहत 2020 में अमेरिका की मध्यस्थता से इज़राइल और UAE के बीच औपचारिक कूटनीतिक संबंध स्थापित हुए थे। इसके बाद से दोनों देशों के बीच आर्थिक और सैन्य संबंध लगातार मजबूत हुए हैं।

हालांकि, फरवरी में अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमले के बाद शुरू हुए युद्ध ने इस साझेदारी की पहली बड़ी परीक्षा ली। ईरान की ओर से हुए व्यापक जवाबी हमलों ने UAE को प्रमुख निशाना बना दिया, जिसके चलते इज़राइल को अपनी अत्याधुनिक तकनीक अपने सहयोगी को सौंपनी पड़ी।

यह भी पढ़ें:

Mumbai: महानगरपालिका में उजागर हुए 87,000 फर्जी जन्म-प्रमाणपत्रों की गड़बड़ी

ट्रंप ने फिर छेड़ा टैरिफ युद्ध, इस बार यूरोप है निशाने पर

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: EVM में टेप लगाने के कारण आज 15 बूथों पर हो रहा पुनर्मतदान

गर्मियों में करते हैं मेथी दाने का सेवन, जानें क्या कहता है आयुर्वेद

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,110फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
304,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें