जाफना में भी बच्चों से लेकर बुजुर्गों ने स्वस्थ रहने के गुर सीखे। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारत सहित दुनिया के विभिन्न देशों में योग के प्रति उत्साह और जागरूकता का अद्भुत संगम देखने को मिला।
इस वर्ष की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रही, जिसने सभी आयु वर्ग के लोगों को योग के माध्यम से स्वस्थ और संतुलित जीवन अपनाने का संदेश दिया।
नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित समारोह में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने योग दिवस कार्यक्रम का नेतृत्व किया। विदेश मंत्रालय ने कुछ तस्वीरें एक्स पोस्ट पर जारी कीं। इस अवसर पर विभिन्न देशों के राजदूतों, उच्चायुक्तों, राजनयिक समुदाय के सदस्यों तथा मंत्रालय के अधिकारियों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया। कार्यक्रम में योग की उस क्षमता पर विशेष बल दिया गया, जो हर आयु वर्ग के लोगों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाती है।
ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग ने शरीर और दिमाग को बैलेंस करने वाली प्रस्तुतियों और योगासन करते उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी की तस्वीरें साझा कीं। ढाका में भारतीय सांस्कृतिक केंद्र की ओर से आयोजित सामूहिक योग सत्र में योग प्रेमियों, सांस्कृतिक हस्तियों, भारतीय प्रवासी समुदाय और बांग्लादेशी समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक, सभी ने योग के लाभों को अपनाते हुए स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।
वहीं, श्रीलंका के जाफना स्थित दुरैयप्पाह स्टेडियम में लगभग 2,000 लोगों ने एक साथ योगाभ्यास किया। कार्यक्रम में बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। भारत के महावाणिज्यदूत साई मुरली ने अपने संबोधन में योग को भारत की मानवता को दी गई अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि यह जीवन के हर चरण में शारीरिक स्फूर्ति, मानसिक दृढ़ता और आंतरिक संतुलन प्रदान करता है।
हनुमान शक्ति और गांडीव क्षमता से सुसज्जित भारतीय नौसेना आईएनएस दूनागिरी और प्रलय!



