28.6 C
Mumbai
Sunday, October 18, 2026
होमदेश दुनियाकेरल: शोभायात्रा के चलते तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट की उड़ानें रहेंगी बंद!

केरल: शोभायात्रा के चलते तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट की उड़ानें रहेंगी बंद!

शोभायात्रा में कोई रुकावट न आए, इसके लिए शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक उड़ान सेवाओं को बंद किया जाएगा।

Google News Follow
केरल के तिरुवनंतपुरम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर से मंगलवार, 20 अक्टूबर के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर की ‘अल्पासी अराट्टू’ शोभायात्रा हवाई अड्डे के रनवे से होकर गुजरेगी। शोभायात्रा में कोई रुकावट न आए, इसके लिए शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक उड़ान सेवाओं को बंद किया जाएगा।

तिरुवनंतपुरम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर से रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी गई, “20 अक्टूबर 2026 को, तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर 16 बजे से 21 बजे तक उड़ान सेवाएं बंद रहेंगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर की ‘अल्पासी अराट्टू’ शोभायात्रा हवाई अड्डे के रनवे से होकर बिना किसी रुकावट के गुजर सके।

हवाई अड्डे की ओर से आगे लिखा गया, “यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी संबंधित एयरलाइनों से अपनी उड़ानों का समय पता कर लें और उसी के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाएं।”

बता दें कि 20 अक्टूबर को अल्पासी अराट्टू शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसकी तैयारी की जा रही है। यह श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर का एक बेहद भव्य, सदियों पुराना और अनूठा सांस्कृतिक-धार्मिक उत्सव है। इस दिन भव्य अराट्टू (पवित्र स्नान) अनुष्ठान 10 दिनों तक चलने वाले वार्षिक ‘अल्पासी महोत्सव’ का समापन समारोह होगा। 11 अक्टूबर को उत्सव की शुरुआत हुई थी। 19 अक्टूबर को पल्लीवेट्टा (शाही शिकार अनुष्ठान) किया जाएगा और 20 अक्टूबर को अल्पासी अराट्टू (अंतिम दिन) का उत्सव मनाया जाएगा।

अल्पासी अराट्टू शोभायात्रा के दौरान तिरुवनंतपुरम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को लगभग 5 घंटे के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाता है और उड़ानों का समय बदला जाता है। भगवान पद्मनाभस्वामी की यह शोभायात्रा हवाई अड्डे के रनवे के बीच से होकर गुजरती है। यह परंपरा सन 1932 में हवाई अड्डा बनने से भी पहले से चली आ रही है, इसलिए परंपरा का सम्मान करते हुए आज भी हर साल इस मार्ग को शोभायात्रा के लिए सुरक्षित रखा जाता है।

‘अराट्टू’ का भावार्थ ‘पवित्र स्नान’ होता है। शोभायात्रा के दौरान मंदिर के मुख्य विग्रहों (भगवान श्री पद्मनाभस्वामी, भगवान नरसिंह और भगवान श्री कृष्ण की मूर्तियों) को बेहद आकर्षक गरुड़ वाहनों पर सजाकर मंदिर से लगभग 5 किलोमीटर दूर शंघमुघम समुद्र तट ले जाया जाता है।

वहां शाम के समय मंदिर के मुख्य पुजारी के नेतृत्व मंत्रोच्चार के बीच भगवान की मूर्तियों को अरब सागर के पवित्र जल में तीन बार स्नान (डुबकी) कराया जाता है। यह उत्सव बुराई पर अच्छाई की जीत और आध्यात्मिक शुद्धि के प्रतीक के तौर पर मनाया जाता है।
यह भी पढ़ें-
National Stock Exchange

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited
[td_block_social_counter open_in_new_window="y" style="style6 td-social-boxed" block_template_id="td_block_template_9" border_color="#fbd54a" f_header_font_size="26" f_header_font_weight="700" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXRvcCI6IjAiLCJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiMzAiLCJwYWRkaW5nLXRvcCI6IjAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn19" custom_title="हमें फॉलो करें" facebook="NewsDankaHindi" twitter="NewsDanka" youtube="channel/UCqtL0xCsgAmB3XXrh9nln2Q" manual_count_twitter="526" f_header_font_family="668"]

अन्य लेटेस्ट खबरें