बेंगलुरु स्थित भारतीय एयरोस्पेस कंपनी हिकल टेक्नोलॉजीस के साथ फ्रांस की प्रमुख विमान निर्माता कंपनी डसॉल्ट एविएशन ने एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। इस समझौते के तहत हिकल टेक्नोलॉजीज अब राफेल लड़ाकू विमान के कंट्रोल सिस्टम के लिए अहम घटकों का निर्माण करेगी। इसे भारतीय एयरोस्पेस विनिर्माण क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
डसॉल्ट राफेल दुनिया के सबसे आधुनिक मल्टीरोल लड़ाकू विमानों में गिना जाता है। इसका दो-सीटर संस्करण राफेल बी हवा में श्रेष्ठता, जमीनी हमले और टोही अभियानों जैसे कई प्रकार के मिशनों को अंजाम देने में सक्षम है।
इस विमान के संचालन में अत्याधुनिक फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जो अत्यधिक दबाव और कठिन परिस्थितियों में भी सटीक प्रदर्शन सुनिश्चित करते हैं। अनुबंध के तहत हिकल टेक्नोलॉजीज इन्हीं प्रणालियों से जुड़े महत्वपूर्ण घटकों का निर्माण करेगी, जिन्हें डसॉल्ट एविएशन के सख्त इंजीनियरिंग और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
डसॉल्ट के वरिष्ठ अधिकारी ने की सराहना:
डसॉल्ट एविएशन में प्रोक्योरमेंट और परचेजिंग के सीनियर एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट Bruno Coiffier ने इस साझेदारी की सराहना करते हुए कहा, “हिकल टेक्नोलॉजीज ने क्वालिटी और भरोसे के लिए एक मज़बूत कमिटमेंट दिखाया है—ये ऐसे मूल्य हैं जो डसॉल्ट एविएशन की बेहतरीन विरासत से पूरी तरह मेल खाते हैं।”
कंपनी ने बताया ऐतिहासिक अवसर:
हिकल टेक्नोलॉजीज के प्रबंध निदेशक यशस जयवीर ने इस समझौते को कंपनी के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा, “ यह इंजीनियरिंग में सालों के इन्वेस्टमेंट का सबूत है। दुनिया के सबसे एडवांस्ड फाइटर एयरक्राफ्ट में से एक, राफेल के लिए ज़रूरी प्रोडक्ट्स की ज़िम्मेदारी मिलना इस बात की पहचान है कि इंडियन एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग ग्लोबल स्टेज पर आ गई है।”
यह समझौता भारत की ‘मेक इन इंडिया’ पहल के लिए भी अहम माना जा रहा है। भारत वर्तमान में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक है और 2021 से 2025 के बीच वैश्विक हथियार आयात में उसकी हिस्सेदारी लगभग 8.2 प्रतिशत रही है। ऐसे में रक्षा उपकरणों के निर्माण में घरेलू उद्योग की भागीदारी बढ़ाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
Bengaluru based Hical Technologies secured a long-term deal with Dassault Aviation to manufacture key control system components for Rafale fighter jets. pic.twitter.com/T7XWRT7qQX
— Netram Defence Review (@NetramDefence) March 10, 2026
हिकल टेक्नोलॉजीज पहले भी उपग्रह, मिसाइल और एवियोनिक्स से जुड़े घटकों की आपूर्ति कर चुकी है। बेंगलुरु स्थित कंपनी की उन्नत उत्पादन सुविधाएं, स्वचालित असेंबली और कठोर परीक्षण प्रक्रियाएं इसे उच्च विश्वसनीयता वाले रक्षा उत्पाद बनाने में सक्षम बनाती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस अनुबंध से भारत और फ्रांस के बीच एयरोस्पेस सहयोग और मजबूत होगा तथा भविष्य में अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमानों और उन्नत रक्षा तकनीकों के विकास में भारतीय कंपनियों की भूमिका और बढ़ सकती है।
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