मेटा और रिलायंस गुजरात के जामनगर में बनाएंगे AI डेटा सेंटर

168 मेगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर का निर्माण दो वर्षों में पूरा होने की उम्मीद, नवीकरणीय ऊर्जा से होगा संचालन

मेटा और रिलायंस गुजरात के जामनगर में बनाएंगे AI डेटा सेंटर

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रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) और मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक ने गुजरात के जामनगर में एक अत्याधुनिक AI-सक्षम डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। यह परियोजना भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) अवसंरचना के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। बुधवार 10 जून  को घोषित इस समझौते के तहत रिलायंस 168 मेगावाट क्षमता वाला डेटा सेंटर विकसित करेगी, जिसे मेटा लीज पर लेगी। भविष्य में मांग बढ़ने पर इसकी क्षमता को और बढ़ाने की भी व्यवस्था रखी गई है।

जामनगर में बनने वाला यह केंद्र भारत में मेटा का पहला “बिल्ट-टू-सूट” डेटा सेंटर होगा, जिसे विशेष रूप से कंपनी की आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किया जाएगा। इस परियोजना को अगले दो वर्षों में पूरा किए जाने की उम्मीद है।

रिलायंस इस परियोजना के लिए डिजाइन, निर्माण, नेटवर्क कनेक्टिविटी, उपयोगिता प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण और संचालन संबंधी सभी सेवाएं उपलब्ध कराएगी। कंपनी के निदेशक मंडल के अनुसार, जामनगर का चयन कई रणनीतिक कारणों से किया गया है।

इनमें नवीकरणीय ऊर्जा की उपलब्धता, पर्याप्त जल आपूर्ति, भारत के पश्चिमी तट पर स्थित सबमरीन केबल लैंडिंग स्टेशनों की निकटता और जियो के व्यापक फाइबर नेटवर्क से जुड़ाव शामिल हैं। इन सुविधाओं से डेटा सेंटर को उच्च क्षमता और स्थिर कनेक्टिविटी प्राप्त होगी।

मेटा ने कहा कि यह परियोजना भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था के प्रति उसकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कंपनी के अनुसार, इस डेटा सेंटर के जरिए विश्वस्तरीय कंप्यूटिंग अवसंरचना भारत जैसे तेजी से विकसित हो रहे बाजार के और करीब लाई जाएगी, जिससे AI तकनीकों और डिजिटल सेवाओं के विस्तार में मदद मिलेगी।

कंपनी लगभग एक गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विकसित करने के लिए स्थानीय साझेदारों के साथ अलग स्वच्छ ऊर्जा समझौतों पर भी काम कर रही है, जिससे इस परियोजना के पर्यावरणीय लक्ष्यों को मजबूती मिलेगी।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश डी. अंबानी ने इस साझेदारी को भारत के डिजिटल परिदृश्य के लिए परिवर्तनकारी क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना जामनगर को हाइपरस्केल एआई कंप्यूटिंग के एक प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित कर सकती है।

वहीं, मेटा के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि यह निवेश वैश्विक स्तर पर AI अवसंरचना के विस्तार के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और इससे रिलायंस तथा भारतीय बाजार के साथ मेटा के संबंध और मजबूत होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता वैश्विक AI प्रतिस्पर्धा में भारत की भूमिका को और मजबूत करेगा। साथ ही यह इस बात का संकेत भी है कि दुनिया की प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियां डेटा-आधारित सेवाओं और AI वर्कलोड की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए स्थानीय कंप्यूटिंग क्षमता में निवेश बढ़ा रही हैं।

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