अमेरिका के ईरान के जलाशयों पर हमलें, तटीय शहर सीरिक में पेयजल संकट

अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी ठिकाने और बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट पर जवाबी हमलों का दावा किया

अमेरिका के ईरान के जलाशयों पर हमलें, तटीय शहर सीरिक में पेयजल संकट

US attacks on Iranian water facilities; drinking water crisis in the coastal city of Sirik.

ईरान ने बुधवार(10 जून) को जानकारी दी कि अमेरिका द्वारा रातभर किए गए हमलों में दक्षिणी तटीय शहर सीरिक में स्थित दो जलाशयों को ध्वस्त किया गया है, जिससे पूरे शहर में पेयजल आपूर्ति बाधित हुई है। ईरानी अधिकारियों ने इस घटना को मानवीय मूल्यों के खिलाफ बताते हुए नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने पर गंभीर चिंता जताई है।

मुंबई स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास ने हमले की निंदा करते हुए कहा, “सिरिक पर हुए हमलों में पानी जमा करने वाले दो जलाशयों को नुकसान पहुँचा है, जिससे स्थानीय लोगों के लिए पीने के पानी की सप्लाई बंद हो गई है। आम लोगों के लिए पानी के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना गंभीर मानवीय चिंताएँ पैदा करता है।”

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, सीरिक के बामानी क्षेत्र में स्थित दो जल टैंकों पर हमला हुआ, जिसके बाद शहर में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी रिपोर्ट में कहा गया, “आज रात सिरिक पर दुश्मन के हमले में बमानी ज़िले के दो पानी के टैंकों को नुकसान पहुँचा है और पीने के पानी की सप्लाई बंद हो गई है।”

इस बीच, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उन्होंने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी अल-अजराक सैन्य अड्डे के भीतर चार स्थानों पर लंबी दूरी की मिसाइलें दागीं। ईरानी मीडिया के अनुसार, निशाने पर एफ-35 लड़ाकू विमानों के हैंगर और कमांड एंड कंट्रोल सुविधा शामिल थीं। गार्ड्स ने चेतावनी दी कि किसी भी नए अमेरिकी हमले का जवाब दिया जाएगा।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराने का आरोप लगाया। ट्रंप ने कहा कि हेलीकॉप्टर में सवार दोनों पायलट सुरक्षित हैं और अमेरिका इसका जवाब देगा।

अमेरिकी सेना ने अपनी कार्रवाई को ईरान की अनुचित आक्रामकता का आनुपातिक जवाब बताया है। वहीं, एक अमेरिकी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि हेलीकॉप्टर को ईरान के एक एकतरफा हमले वाले ड्रोन ने निशाना बनाया था।

एक अन्य अमेरिकी अधिकारी ने एक्सियोस को बताया कि अमेरिकी बलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास ईरान की कई वायु रक्षा प्रणालियों और रडार प्रतिष्ठानों पर हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि यह कार्रवाई ‘आत्मरक्षा’ के तहत की गई थी। बाद में सेना ने बताया कि ईरान के वायु रक्षा तंत्र, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और निगरानी रडार ठिकानों को निशाना बनाने का अभियान पूरा हो चुका है।

बुधवार तड़के दक्षिणी ईरान के कई हिस्सों से विस्फोटों की खबरें सामने आईं। फार्स समाचार एजेंसी ने होर्मोज़गान प्रांत के पूर्वी क्षेत्रों में धमाकों की पुष्टि की, जबकि मेहर समाचार एजेंसी ने बंदर अब्बास में विस्फोटों की जानकारी दी। सरकारी मीडिया ने सीरिक में प्रोजेक्टाइल गिरने और क़ेश्म द्वीप पर भी हमले की पुष्टि की।

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने यह भी दावा किया कि उन्होंने दक्षिणी ईरान पर अमेरिकी हमलों के जवाब में बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट पर ड्रोन हमले किए हैं। गार्ड्स ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिकी कार्रवाई जारी रही तो और भी घातक जवाब दिया जाएगा। उनके अनुसार अमेरिकी हमलों में सीरिक के दूरसंचार टावर और दो जल टैंक भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।

अमेरिकी हमलों से पहले ईरानी मीडिया ने सैन्य सूत्रों के हवाले से कहा था कि पिछले 24 घंटों में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में कोई आक्रामक हवाई अभियान नहीं चलाया था। हालांकि, उसी सूत्र ने चेतावनी दी थी कि किसी भी नए हमले की स्थिति में ईरान निर्णायक जवाब देगा।

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