खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों के लिए विदेश मंत्रालय ने बनाया कंट्रोल रूम

जारी किए हेल्पलाइन नंबर

खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों के लिए विदेश मंत्रालय ने बनाया कंट्रोल रूम

Ministry of External Affairs sets up control room for Indians stranded in Gulf countries

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने खाड़ी देशों में फंसे अपने नागरिकों की सहायता के लिए कदम तेज कर दिए हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जो प्रभावित भारतीयों को समन्वित सहायता और रियल-टाइम समर्थन प्रदान करेगा। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जैस्वाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि कंट्रोल रूम प्रतिदिन सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक संचालित होगा। मंत्रालय ने जिन हेल्पलाइन नंबरों की घोषणा की है, वे हैं: 1800118797 (टोल-फ्री), +91 11 2301 2113, +91 11 2301 4104 और +91 11 2301 7905।

इसके अलावा, मंत्रालय ने क्षेत्र में स्थित भारतीय दूतावासों और मिशनों के आपातकालीन संपर्क नंबर भी जारी किए हैं। इनमें बहरीन, ईरान, इराक, इज़राइल, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, ओमान, कतर, रमल्लाह, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं, ताकि संकटग्रस्त भारतीय तत्काल मदद ले सकें।

बुधवार(4 मार्च)को जारी बयान में विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए संवाद और कूटनीति का आह्वान किया। प्रवक्ता जैसवाल ने कहा कि नई दिल्ली तनाव कम करने के लिए आवाज उठा रही है और हिंसा में बड़ी संख्या में लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि खाड़ी क्षेत्र में लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा और कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जायसवाल ने कहा, “भारत उन घटनाक्रमों से अछूता नहीं रह सकता जो इस क्षेत्र को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं।”

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया से होकर महत्वपूर्ण व्यापार मार्ग और ऊर्जा आपूर्ति शृंखलाएं गुजरती हैं, और किसी भी बड़े व्यवधान का भारतीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत वाणिज्यिक जहाजरानी पर हमलों का कड़ा विरोध करता है। हाल के समुद्री घटनाक्रमों में कुछ भारतीय नागरिकों के मारे जाने या लापता होने की सूचना है। उन्होंने बताया कि संघर्ष न केवल तेज हुआ है बल्कि अन्य देशों तक फैल गया है, जिससे क्षेत्र के कई हिस्सों में सामान्य जीवन और आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।

इससे पहले 28 फरवरी को जब ईरान और खाड़ी क्षेत्र में शत्रुता शुरू हुई थी, तब भी भारत ने गहरी चिंता जताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की थी। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि प्रभावित देशों में भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास भारतीय समुदाय और संगठनों के साथ लगातार संपर्क में हैं, नियमित परामर्श जारी कर रहे हैं और फंसे हुए नागरिकों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें:

एक्स-मुस्लिम वास्तिक पर हमला करने वाला दूसरा आरोपी भी एनकाउंटर में ढेर

भारत में घुसपैठ की कोशिश करते पाकिस्तानी गिरफ्तार

सऊदी अरब सुरक्षा के लिए हर कदम उठाने को तैयार, कतर ने पकड़े 10 संदिग्ध IRGC जासूस

Exit mobile version