ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई, युद्ध की शुरुआत में हुए उस हवाई हमले में लगी चेहरे और पैरों की गंभीर चोटों से उबर रहे हैं, जिसमें उनके पिता अयातुल्ला खामेनेई की मृत्यु हो गई थी। उनके करीबी सूत्रों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को यह जानकारी दी है।
यह हमला 28 फरवरी को मध्य तेहरान स्थित सर्वोच्च नेता के निवास पर हुआ था, जो अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किए गए संघर्ष के पहले दिन हुआ था। सूत्रों के अनुसार, मोजतबा खामेनेई का चेहरा विद्रूप (disfigured) हो गया है और उनके एक या दोनों पैरों में गंभीर चोट आई है। इस हमले में उनकी पत्नी, साले और साली सहित परिवार के कुछ अन्य सदस्यों की भी मृत्यु हो गई थी।
बताया जा रहा है कि घायल होने के बावजूद वे मानसिक रूप से सतर्क हैं और प्रशासन में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। दो सूत्रों ने बताया कि वे ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकों में शामिल होते हैं और युद्ध तथा वाशिंगटन के साथ होने वाली बातचीत जैसे महत्वपूर्ण निर्णयों में हिस्सा लेते हैं।
उनकी यह स्थिति अत्यंत संवेदनशील समय में सामने आई है, क्योंकि ईरान और अमेरिका के बीच महत्वपूर्ण शांति वार्ता इस्लामाबाद में शुरू हो चुकी थी।
ईरान की ओर से उनकी चोटों की गंभीरता को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। 8 मार्च को सर्वोच्च नेता के रूप में नियुक्त होने के बाद से उनका कोई भी फोटो, वीडियो या ऑडियो सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिससे उनके स्वास्थ्य और भूमिका को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
रॉयटर्स के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र में ईरान के प्रतिनिधियों ने उनके स्वास्थ्य या सार्वजनिक अनुपस्थिति से जुड़े सवालों का कोई जवाब नहीं दिया। अमेरिकी खुफिया मूल्यांकन से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि खामेनेई के एक पैर गंवाने की संभावना है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इससे पहले 13 मार्च को कहा था कि वे “घायल हैं और शायद विद्रूप हो गए हैं।”
ईरान के सरकारी मीडिया ने सीमित जानकारी दी है। एक समाचार वाचक ने उन्हें “जानबाज” (युद्ध में गंभीर रूप से घायल) कहकर संबोधित किया था। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा कि अगले एक-दो महीनों में उनकी तस्वीरें जारी हो सकती हैं और स्थिति अनुकूल होने पर वे सार्वजनिक रूप से दिखाई दे सकते हैं।
ईरान की राजनीतिक व्यवस्था में सर्वोच्च शक्ति ‘सर्वोच्च नेता’ के पास होती है, जो निर्वाचित राष्ट्रपति की निगरानी करता है और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों पर नियंत्रण रखता है।
विश्लेषकों के अनुसार, मोजतबा खामेनेई का अधिकार अभी पूरी तरह से स्थापित नहीं हुआ है। विशेषज्ञ एलेक्स वतांका ने कहा कि भले ही वे निरंतरता का प्रतिनिधित्व करते हों, लेकिन अपने पिता की तरह तत्काल प्रभाव स्थापित करना उनके लिए कठिन है। वतांका ने कहा, “मोजतबा का मत अंतिम निर्णायक मत नहीं होगा। उन्हें खुद को एक सक्षम और प्रभावी नेता के रूप में सिद्ध करना होगा।”
उन्होंने आगे कहा कि युद्ध के दौरान IRGC रणनीतिक निर्णयों में एक प्रभावी शक्ति के रूप में उभरा है, जिससे देश का सत्ता संतुलन बदल रहा है।
सर्वोच्च नेता के रूप में मोजतबा खामेनेई का पहला बयान 12 मार्च को सरकारी चैनल पर पढ़ा गया, जिसमें उन्होंने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद रखने का आह्वान किया और क्षेत्रीय देशों को अमेरिकी सैन्य अड्डे बंद करने की चेतावनी दी। 20 मार्च को उन्होंने फारसी नव वर्ष को “प्रतिरोध का वर्ष” कहा।
उसके बाद से युद्ध, कूटनीति, युद्धविराम वार्ता और घरेलू असंतोष से संबंधित अधिकांश रणनीतिक पक्ष अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा रखे गए हैं। उनकी लंबी अनुपस्थिति के कारण ईरान में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। सोशल मीडिया पर “मोजतबा कहाँ हैं?” पूछने वाले मीम्स भी वायरल हो रहे हैं, जिनमें रोशनी के नीचे एक खाली कुर्सी दिखाई गई है।
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