UAE को $2 अरब लौटाने पर पाकिस्तान की सफाई, रिपोर्ट्स में दबाव की बात

आर्थिक हालात पर उठे सवाल

UAE को Pakistan clarifies its return of $2 billion to UAE, reports suggest pressure अरब लौटाने पर पाकिस्तान की सफाई, रिपोर्ट्स में दबाव की बात

Pakistan clarifies its return of $2 billion to UAE, reports suggest pressure

पाकिस्तान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को $2 अरब की जमा राशि लौटाने की पुष्टि की है, लेकिन इसे सामान्य वित्तीय प्रक्रिया बताते हुए किसी भी बाहरी दबाव से इनकार किया है। हालांकि, रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि यह भुगतान अबू धाबी की मांग के बाद किया जा रहा है, जिससे पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पर नए सवाल खड़े हो गए हैं।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने 4 अप्रैल को जारी बयान में कहा कि यह राशि स्टेट बैंक ऑफ़ पाकिस्तान में जमा थी और इसे द्विपक्षीय व्यावसायिक समझौतों के तहत रखा गया था। मंत्रालय ने कहा, “ये डिपॉजिट पाकिस्तान की आर्थिक स्थिरता को समर्थन देने के लिए दिए गए थे। तय शर्तों के अनुसार अब इन्हें लौटाया जा रहा है। इसे किसी और तरह से पेश करना भ्रामक है।”

हालांकि, सरकारी और वित्तीय सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्ट्स बताती हैं कि UAE ने हालिया क्षेत्रीय तनाव के बीच इस रकम को तुरंत वापस करने की मांग की थी। पहले यह डिपॉजिट हर साल रोलओवर होता रहा था, लेकिन हाल के महीनों में इसकी अवधि घटाकर पहले एक महीना और फिर दो महीने कर दी गई। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान अप्रैल के अंत तक यह $2 अरब अबू धाबी को लौटा देगा। इस जमा राशि पर पाकिस्तान लगभग 6 प्रतिशत ब्याज दे रहा था।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पाकिस्तान को अपनी अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए बाहरी वित्तीय सहायता पर काफी निर्भर रहना पड़ रहा है। देश के विदेशी मुद्रा भंडार फिलहाल $21 अरब से अधिक बताए जा रहे हैं, लेकिन चालू वित्त वर्ष में उसे करीब $12 अरब के बाहरी डिपॉजिट रोलओवर की जरूरत है।

इसमें सऊदी अरब से $5 अरब, चीन से $4 अरब औरसंयुक्त अरब अमीरात से $3 अरब शामिल हैं। ऐसे में UAE को भुगतान की यह प्रक्रिया पाकिस्तान की वित्तीय योजना को और जटिल बना सकती है, खासकर अगर अन्य साझेदार देश भी इसी तरह की मांग करते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर इस फैसले पर पड़ा है। ऐसे हालात में निवेशक और सहयोगी देश अपनी वित्तीय जोखिम को कम करने की कोशिश करते हैं, जिससे पाकिस्तान जैसे देशों पर दबाव बढ़ सकता है।

इन आशंकाओं के बीच पाकिस्तान ने UAE के साथ अपने संबंधों को मजबूत बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच साझेदारी “भरोसे, सहयोग और साझा आर्थिक हितों” पर आधारित है। विदेश मंत्रालय ने यह भी रेखांकित किया कि व्यापार, निवेश और रक्षा समेत कई क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच लंबे समय से करीबी सहयोग रहा है।

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