यूनाइटेड किंगडम (यूके) की शरण प्रणाली का दुरुपयोग करते हुए पाकिस्तानी और बांग्लादेशी नागरिक अपनी पहचान बदलने के चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। 14 अप्रैल को प्रकाशित BBC न्यूज की एक अंडरकवर रिपोर्ट के अनुसार, कई पाकिस्तानी और बांग्लादेशी नागरिक खुद को ‘समलैंगिक’ बताकर शरण लेने की कोशिश करते हैं।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुछ इमिग्रेशन सलाहकार और कानूनी फर्म मोटी रकम लेकर प्रवासियों को फर्जी कहानियां गढ़ने और झूठे सबूत तैयार करने की ट्रेनिंग दे रहे हैं। यह लोग ब्रिटन में शरण के लिए आवेदन करते समय यह दावा करते हैं कि अपने देश लौटने पर उनकी यौन पहचान के कारण उन्हें खतरा होगा।
BBC की रिपोर्ट के मुताबिक,“UK की शरण प्रणाली उन लोगों को सुरक्षा देती है जो अपने देश नहीं लौट सकते क्योंकि उनकी जान को खतरा हो सकता है, जैसे पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों में जहां समलैंगिकता गैर-कानूनी है।” लेकिन इसके साथ ही यह भी कहा गया कि इस प्रणाली का देश में रुकने के इच्छुक प्रवासियों से फीस ऐंठने वाले कानूनी सलाहकारों द्वारा उनका व्यवस्थित शोषण किया जा रहा है।
जांच में सामने आया कि इनमें से कई आवेदक अवैध रूप से नहीं आए बल्कि छात्र, काम या पर्यटन वीजा पर आए लोग हैं जिनका वीजा समाप्त हो चुका है। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में यूके में कुल शरण आवेदन 1 लाख के पार चले गए, जिनमें करीब 35% पाकिस्तानी और बांग्लादेशी समलैंगिकता के मामलों से जुड़े बताए गए हैं।
BBC की अंडरकवर रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि कुछ सलाहकार हजारों पाउंड तक वसूल रहे हैं। एक मामले में एक फर्म ने £7,000 तक की मांग की और दावा किया कि आवेदन खारिज होने की संभावना बहुत कम है। रिपोर्टरों को सलाह दी गई कि वे डिप्रेशन या HIV पॉजिटिव होने का झूठा दावा कर मेडिकल रिकॉर्ड तैयार करें। कुछ मामलों में नकली समलैंगिक पार्टनर की व्यवस्था कराने तक की सलाह दी गई।
एक इमिग्रेशन सलाहकार ने दावा किया कि वह पिछले 17 वर्षों से ऐसे मामलों में मदद कर रही है। वहीं, एक अन्य वकील ने £1,500 में ‘समलैंगिक’ या ‘नास्तिक’ बनकर आवेदन करने में मदद की पेशकश की, जबकि फर्जी सबूत तैयार करने के लिए £2,000 से £3,000 अतिरिक्त मांगे गए।
एक मामले में अंडरकवर रिपोर्टर को बताया गया कि शरण मिलने के बाद वह अपनी पत्नी को भी यूके बुला सकता है और वह भी ‘लेस्बियन’ बनकर झूठा दावा कर सकती है।
जांच में फर्जी न्यूज वेबसाइट्स, मंचित विरोध प्रदर्शन और बनावटी व्यक्तिगत कहानियों के इस्तेमाल का भी खुलासा हुआ, ताकि आवेदन को असली जैसा दिखाया जा सके।
यूके होम ऑफिस के आंकड़ों के अनुसार, 2023 में यौन पहचान के आधार पर सबसे अधिक शरण आवेदन पाकिस्तान से आए, जिनकी हिस्सेदारी करीब 42% है, इसके बाद बांग्लादेशी नागरिकों का स्थान है।
इन खुलासों पर प्रतिक्रिया देते हुए होम ऑफिस ने कहा,“अगर कोई भी सिस्टम का गलत इस्तेमाल करने की कोशिश करता हुआ पाया गया तो उसे कानून की पूरी सज़ा मिलेगी, जिसमें UK से निकालना भी शामिल है।” लेबर पार्टी की सांसद जो व्हाइट ने सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा,“यह बहुत ज़रूरी है कि सरकार उन पर कार्रवाई करे… इस तरह के सबूत सीधे पुलिस के पास जाएंगे।”
वहीं कंजर्वेटिव नेता क्रिस फिल्प ने शरण प्रणाली की आलोचना करते हुए कहा, “पूरा सिस्टम सड चुका है। असाइलम सिस्टम को पूरी तरह से बदलना होगा…” BBC ने संकेत दिया है कि यह उसकी जांच का पहला हिस्सा है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं।
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