अमेरिका में आज (30 जनवरी) हजारों लोग देशभर में एक साथ सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं। लोगों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की आव्रजन नीति, विशेष रूप से इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) की कार्रवाइयों और मिनियापोलिस, मिनेसोटा में हुई दो मौतों के विरोध में ‘नेशनल शटडाउन’ का आह्वान किया है। इस आंदोलन के तहत लोगों से एक दिन के लिए “ना स्कूल, ना काम और ना खरीदारी” करने की अपील की गई है।
आयोजकों के अनुसार, यह विरोध ट्रम्प प्रशासन की आव्रजन सख्ती और ICU नर्स एलेक्स प्रेट्टी तथा तीन बच्चों की मां रेनी गुड की हत्या के खिलाफ है। अभियान की वेबसाइट पर कहा गया है कि ट्विन सिटीज़ ने पूरे देश को दिखाया है कि कैसे प्रतिक्रिया देनी चाहिए, और ICE को बंद कर उसके कथित आतंक के शासन को रोकने की मांग की गई है। जानकारी के अनुसार इस साल अब तक ICE से जुड़ी घटनाओं में आठ लोगों की हत्याएं हो चुकी है, जिसके बाद एजेंसी को अमेरिकी शहरों और कस्बों से हटाने की मांग तेज हो गई है।
ग्रासरूट संगठनों का कहना है कि यह विरोध ICE की हिरासत में लिए गए या एजेंसी की कार्रवाइयों में मारे गए लोगों के लिए न्याय की मांग को लेकर है। इनमें 3 जनवरी को टेक्सास के एल पासो स्थित कैंप ईस्ट मोंटाना में हिरासत के दौरान मारे गए 55 वर्षीय क्यूबाई प्रवासी जेराल्डो कैंपोस का मामला भी शामिल है। इसके अलावा, मिनेसोटा में स्कूल से घर लौटते समय पांच वर्षीय लियाम रामोस को हिरासत में लिए जाने की घटना का भी जिक्र किया जा रहा है।
हालांकि, आंदोलन का मुख्य कारण मिनियापोलिस में हुई दो गोलीबारी की घटनाएं हैं। 7 जनवरी को 37 वर्षीय रेनी निकोल गुड की मौत हुई, जबकि 24 जनवरी को ICU नर्स एलेक्स जेफ्री प्रेट्टी की ICE एजेंट्स द्वारा गोली मारकर हत्या की गई। दोनों मामलों में ट्रम्प प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि ICE एजेंट ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार, गुड ने कथित तौर पर एजेंट को कार से कुचलने की कोशिश की थी, जबकि होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) ने दावा किया कि प्रेट्टी ने हथियार के साथ बॉर्डर पेट्रोल एजेंटों का सामना किया था और उसे निरस्त्र करने की कोशिश के दौरान बल प्रयोग किया गया। हालांकि की घटना की वीडिओ वायरल हो चुकी है।
मिनियापोलिस, क्लीवलैंड और न्यूयॉर्क सिटी सहित कई शहरों में सक्रिय विकेंद्रीकृत कार्यकर्ता समूहों ने इस राष्ट्रव्यापी विरोध का आह्वान किया है। डिफेंड इमिग्रेंट फैमिलीज़ कैंपेन से लेकर LA टेनेंट्स यूनियन और यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा के छात्र समूहों तक, कई संगठन इसमें शामिल हैं। कोडपिंक जैसी राष्ट्रीय संस्थाओं ने भी समर्थन दिया है।
कई अभिनेता और हस्तियां भी इस आंदोलन के समर्थन में सामने आई हैं। पेड्रो पास्कल, हैना आइन्बाइंडर, एरियाना ग्रांडे, एडवर्ड नॉर्टन और ऑस्कर विजेता जेमी ली कर्टिस सहित कई सेलेब्रिटीज़ ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से भागीदारी की अपील की है। पेड्रो पास्कल ने लिखा, “सच एक लोकतांत्रिक सरकार और एक सत्तावादी शासन के बीच की रेखा है।” वहीं, रैपर मैकलमोर ने कहा, “इतिहास ने साफ दिखाया है कि ऐसे सिस्टम कैसे बदलते हैं… जब लोग सहयोग करना बंद कर देते हैं।”
मिनेसोटा के ‘ICE आउट’ प्रदर्शन इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन की प्रेरणा माने जा रहे हैं। मिनियापोलिस में रेनी गुड की मौत के विरोध में सब-ज़ीरो तापमान में हुए प्रदर्शनों ने खासा ध्यान खींचा। इन प्रदर्शनों के दौरान कई व्यवसाय बंद रहे और सामान्य जीवन प्रभावित हुआ, जिससे संघीय सरकार पर ICE एजेंट्स को हटाने का दबाव बनाने की कोशिश की गई।फिलहाल, आयोजकों का कहना है कि यह शटडाउन केवल प्रतीकात्मक विरोध नहीं, बल्कि आव्रजन नीति और कानून प्रवर्तन की जवाबदेही तय कराने की दिशा में दबाव बनाने का प्रयास है।
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