रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को “पाखंड” करार देते हुए करारा हमला बोला है। सोची में आयोजित वलदाई फोरम में अपने भाषण के दौरान पुतिन ने कहा कि अमेरिका लगातार रूस से यूरेनियम खरीदता है, जबकि भारत जैसे देशों पर ऊर्जा आयात रोकने का दबाव डालता है।
पुतिन ने कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया में सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र चलाने वाले देशों में से एक है। इसके लिए उन्हें भारी मात्रा में ईंधन चाहिए। हम सबसे बड़े आपूर्तिकर्ता नहीं हैं, लेकिन रूस अमेरिकी बाजार में यूरेनियम का दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है।”
आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका अपनी ज़रूरत का लगभग 25% यूरेनियम रूस से खरीदता है। साल 2024 में इस व्यापार से रूस को करीब 800 मिलियन डॉलर की कमाई हुई थी। वहीं, 2025 में यह आंकड़ा 1.2 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
इसके उलट, पुतिन ने ट्रंप पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। अगस्त के अंत में ट्रंप ने भारत पर टैरिफ 25% से बढ़ाकर 50% कर दिया, यह कहते हुए कि भारत रूस से तेल खरीदकर मॉस्को को युद्ध जारी रखने के लिए राजस्व उपलब्ध करा रहा है। ट्रंप ने यूरोपीय देशों से भी बार-बार रूसी तेल और गैस आयात बंद करने की अपील की है। लेकिन पुतिन ने तंज कसते हुए कहा कि अमेरिका खुद रूस से यूरेनियम, रसायन और खाद जैसी चीजों की बड़ी मात्रा में खरीदारी कर रहा है।
पुतिन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका भारत समेत कई देशों पर रूस के साथ व्यापारिक संबंध घटाने का दबाव डाल रहा है। उन्होंने साफ कहा कि वाशिंगटन के इन कदमों का मकसद अपने राजनीतिक एजेंडे को थोपना है, लेकिन वास्तविकता यह है कि अमेरिका खुद रूसी संसाधनों पर निर्भर है। वलदाई फोरम में पुतिन का यह भाषण पश्चिमी दबाव झेल रहे देशों, खासकर भारत, के लिए एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि रूस अपने साझेदारों को भरोसेमंद सप्लाई देने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
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