शांति वार्ताओं के बीच पुतिन के वार, परेशान झेलेंस्की ने कहा-हत्याएं रोको

ट्रंप की मध्यस्थता के बीच युद्धविराम पर गतिरोध

शांति वार्ताओं के बीच पुतिन के वार, परेशान झेलेंस्की ने कहा-हत्याएं रोको

Russia and Ukraine to exchange 1,000 prisoners

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने शनिवार (16 अगस्त )को रूस पर शांति प्रयासों को बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन युद्धविराम मानने से इनकार कर रहे हैं और इस रवैये से हालात और जटिल हो रहे हैं। ज़ेलेंस्की ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा,“हम देख रहे हैं कि रूस बार-बार युद्धविराम की अपील को ठुकरा रहा है और अब तक यह तय नहीं कर पाया है कि हत्याएं कब रोकी जाएंगी। यह स्थिति को जटिल बना रहा है।”

उन्होंने मास्को पर हमलों को रोकने के सरल आदेश तक को लागू करने की इच्छा न रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि रूस को शांतिपूर्ण सहअस्तित्व की दिशा में तैयार करने के लिए काफी प्रयास करने होंगे। युद्ध के दबाव से आहत झेलेंस्की ने कहा,“हत्याएं रोकना, युद्ध रोकने की कुंजी है।”

उनके बयान के साथ ही डेनमार्क, एस्टोनिया, फिनलैंड, आइसलैंड, लातविया, लिथुआनिया, नॉर्वे और स्वीडन इन आठ नॉर्डिक-बाल्टिक देशों के नेताओं का एक संयुक्त दस्तावेज़ जारी किया गया, जिसमें कीव के समर्थन को दोहराया गया। इस दस्तावेज़ में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता की कोशिशों का समर्थन करते हुए कहा गया,“हम राष्ट्रपति ट्रंप के इस बयान का स्वागत करते हैं कि अमेरिका सुरक्षा गारंटी में शामिल होने के लिए तैयार है। यूक्रेन की सेना या उसके अन्य देशों से सहयोग पर किसी तरह की पाबंदी नहीं होनी चाहिए।”

ज़ेलेंस्की ने यह भी पुष्टि की कि वह सोमवार (18 अगस्त) को राष्ट्रपति ट्रंप से वॉशिंगटन में मुलाकात करेंगे। इसे उन्होंने “सभी बिंदुओं को स्पष्ट करने और आवश्यक कदमों को तय करने का महत्वपूर्ण अवसर” बताया। यह घोषणा ऐसे समय आई है जब ट्रंप ने शुक्रवार (15 अगस्त) को अलास्का के एंकोरेज शहर में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी। तीन घंटे लंबी इस बैठक के बावजूद युद्धविराम को लेकर कोई समझौता नहीं हो सका। बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने संक्षेप में कहा,“No deal until there’s a deal.”

ट्रंप पुतिन वार्ता से कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया, लेकीन कहा जा रहा है की पुतिन ने शांति समझौते के लिए डोमबास से हटने की बात की है, जिससे यूक्रेन के दो बड़े शहर रूस की ओर जाएंगे। हालांकि इस पर स्पष्टता नहीं दी गई है, और ना ही यूक्रेन किसी ऐसे समझौते के पक्ष में नज़र आता है।

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