38 सेकंड का टीजर रिश्तों, भरोसे, महिलाओं पर आधारित कानूनों के कथित गलत इस्तेमाल और पुरुषों के अधिकारों के बारे में ज्यादा जागरूकता की जरूरत पर गंभीर सवाल उठाती है।
फिल्म की कहानी कार्तिक सक्सेना नामक एक कॉर्पोरेट पेशेवर के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका वैवाहिक जीवन तब उलझ जाता है जब उसे पत्नी के अफेयर का पता चलता है। तलाक और झूठे घरेलू हिंसा के मामलों के बीच पत्नी की हत्या हो जाती है और कार्तिक मुख्य संदिग्ध बन जाता है।
फिल्म में कबीर दुहान सिंह, विजयंत कोहली, हेमंत पांडे, इंदिरा कृष्णन, संतोष शुक्ला, विक्रम शर्मा, अग्नि अग्रियारी, कुमार सौरभ, अश्वंत लोधी और अर्शदीप संधू जैसे कलाकार अहम किरदार में नजर आएंगे।
मुख्य कलाकार अक्षय ओबेरॉय का कहना है कि वे इस फिल्म के जरिए ऐसे मुद्दे से जुड़ी कहानी को दिखाने जा रहे हैं, जिसके बारे में आमतौर पर न बातें होती हैं और न ही कहीं दिखाया जाता है। उन्होंने कहा, “हमारी फिल्म उन मुद्दों की बात करती है, जिनके बारे में हमारे समाज के पुरुष अक्सर खुलकर बात करने में हिचकिचाते हैं या शर्म करते हैं।
निर्देशकअरविंद ने भी फिल्म को लेकर अपनी राय दी। उन्होंने कहा, “‘लव लॉटरी’ के जरिए हम कोशिश कर रहे हैं कि क्राइम, सस्पेंस और इमोशन के जरिए एक ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर बात की जाए जिस पर आमतौर पर चर्चा नहीं होती। फिल्म का मकसद किसी एक जेंडर को टारगेट करना या दोष देना नहीं है, बल्कि ये सवाल उठाती है कि जब कानून, रिश्ते और निजी झगड़े आपस में जुड़ जाते हैं तो क्या होता है।
वहीं, प्रोड्यूसर कुलदीप भार्गव ‘तुषार’ ने अपनी बात रखते हुए कहा, “मैंने कहानी को दिलचस्प तरीके से बताने की कोशिश की है, साथ ही दर्शकों के लिए सोचने के लिए कुछ सवाल भी छोड़े हैं।”
लेखक अंकुर खत्री ने कहा, “लव लॉटरी का विषय बहुत संवेदनशील है और हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी थी इसे संतुलन और समझदारी के साथ पेश करना। फिल्म दिखाती है कि कैसे प्यार, भरोसा और शादी कभी-कभी एक अनपेक्षित मोड़ ले सकते हैं।”



