काशी विश्वनाथ मंदिर के सीईओ विश्व भूषण मिश्रा ने इस व्यवस्था की जानकारी देते हुए कहा कि श्री काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लगातार बढ़ाने के लिए मंदिर न्यास प्रयासरत है। 2024 में काशीवासियों के लिए सुबह 4 से 5 बजे और शाम 4 से 5 बजे तक विशेष दर्शन की व्यवस्था शुरू की गई थी।
सीईओ ने कहा कि यह सुविधा केवल काशीवासियों के लिए होगी और इसके लिए स्थानीय पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। काशी के पते वाला आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड, सरकारी कर्मचारी का स्थानीय पते वाला पहचान पत्र अथवा मंदिर प्रशासन द्वारा जारी वार्षिक दैनिक दर्शनार्थी पास मान्य होगा। उन्होंने कहा कि कई लोग बाहर से आकर काशी में स्थायी रूप से रह रहे हैं। ऐसे लोगों के लिए भी वार्षिक शुल्क देकर विशेष पास बनवाने की सुविधा उपलब्ध है और वह भी इस व्यवस्था का लाभ उठा सकेंगे।
विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि गेट नंबर 4बी पहले भी ‘काशी द्वार’ के रूप में सुबह और शाम सीमित समय के लिए खुलता था, लेकिन अब इसे पूरे दिन संचालित किया जाएगा। पिछले अनुभव के आधार पर मंदिर प्रशासन को उम्मीद है कि पूरे दिन श्रद्धालुओं की संख्या संतुलित रहेगी। पहले भी एक घंटे की निर्धारित अवधि में अधिकतर श्रद्धालु 15 से 30 मिनट के भीतर दर्शन कर लेते थे।
विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि इस नई व्यवस्था को लागू करने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष इसका विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पहल का अनुमोदन करते हुए इसे काशीवासियों के हित में एक सकारात्मक कदम बताया और उनके निर्देश के बाद ही इस व्यवस्था को लागू किया जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने भी नई व्यवस्था पर खुशी जताई है। काशी निवासी कन्हैया दुबे ‘केडी’ ने कहा कि बाबा विश्वनाथ काशी के आराध्य हैं और काशीवासियों का उनसे पारिवारिक संबंध है। देश के अन्य ज्योतिर्लिंगों की तुलना में बाबा को ‘काशी विश्वनाथ’ के नाम से जाना जाता है, जो काशी और बाबा के विशेष संबंध को दर्शाता है।
स्थानीय निवासी राजकुमार सेठ ने कहा कि काशीवासी लंबे समय से इस सुविधा की मांग कर रहे थे। उन्होंने मंदिर प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब स्थानीय लोग दिनभर अपनी सुविधा के अनुसार बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकेंगे। उन्होंने इस निर्णय के लिए मंदिर प्रशासन के साथ-साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी धन्यवाद जताया।
हालात यह संकेत दे रहे हैं कि क्षेत्र एक और व्यापक युद्ध की ओर बढ़ रहा: वाएल अव्वाद!



