गणेशोत्सव पर मोदी बोले, कुम्हारों की मिट्टी की मूर्तियां ही खरीदें!

यह विषय गणेश उत्सव से जुड़ा है। वैसे तो गणेश उत्सव में अभी काफी समय बाकी है। लेकिन लोगों ने यह आग्रह किया है कि इस विषय पर अभी ही बात होनी चाहिए।

गणेशोत्सव पर मोदी बोले, कुम्हारों की मिट्टी की मूर्तियां ही खरीदें!

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 135वें एपिसोड के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में कहा कि मुझे कई लोगों ने पत्र लिख कर एक खास विषय पर बात करने का सुझाव भेजा है।
यह विषय गणेश उत्सव से जुड़ा है। वैसे तो गणेश उत्सव में अभी काफी समय बाकी है। लेकिन लोगों ने यह आग्रह किया है कि इस विषय पर अभी ही बात होनी चाहिए। दरअसल, गणेश जी की मूर्तियां बनाने का काम बहुत पहले ही शुरू हो जाता है। मूर्ति बनाने वाले और मूर्तियों के व्यापार से जुड़े हुए लोग अभी से सक्रिय हो जाते हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि मेरा आप सभी के एक आग्रह है, आप प्रयास करें कि आपके घर, सोसाइटी या आसपास की जगहों पर गणपति बप्पा की जो मूर्ति स्थापित हो, वो हमारे देश की मिट्टी से बनी हो। वो हमारे अपने कुम्हारों और स्थानीय कलाकारों के हाथों तैयार हुई हो। जो लोग गणेश जी की मूर्तियां बनाते हैं, उनसे भी मेरा आग्रह है कि वे मिट्टी की मूर्तियों को प्राथमिकता दें। जो मूर्तियां खरीदते हैं वे भी यह जरूर देखें कि गणपति बप्पा की मूर्ति किससे बनी है और किस देश में तैयार हुई है।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी मूर्तियां बिल्कुल न खरीदें। मिट्टी की मूर्तियां पूजा के बाद सहज रूप से पानी में विलीन हो जाती हैं। इससे हमारी नदियां, तालाबों और पर्यावरण की रक्षा होती है। इससे हमारी आस्था भी बनी रहती है और प्रकृति के प्रति हमारा दायित्व भी पूरा होता है। जब हम स्थानीय कारीगरों से मूर्ति खरीदते हैं, तो हम वोकल फॉर लोकल के संकल्प को मजबूत करते हैं।

उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि इस बार गणेश उत्सव और ऐसी हर उत्सव में हम ऐसी सारी बातों पर जरूर गंभीरता से सोचेंगे और देशहित में कदम भी उठाएंगे। पीएम ने कहा कि हमारे देश की सबसे बड़ी शक्ति हमारे देश के लोग हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे छोटे-बड़े प्रयास, हमें बहुत कुछ सिखाते हैं। ये प्रयास बताते हैं कि जब मन में संकल्प हो और समाज का साथ मिले तो कोई भी बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

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