30 C
Mumbai
Friday, March 6, 2026
होमदेश दुनियाश्रीलंका ने ईरान के ‘IRINS बुशेहर’ को दिया आश्रय

श्रीलंका ने ईरान के ‘IRINS बुशेहर’ को दिया आश्रय

त्रिंकोमाली में जहाज खड़ा करने की दी अनुमति

Google News Follow

Related

हिंद महासागर में अमेरिका के हमले का लक्ष्य बनने से पहले श्रीलंका सरकार ने एक ईरानी जहाज को अपने नियंत्रण में लिया। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने कहा है कि उनकी सरकार ने एक अन्य ईरानी जहाज को अपने एक बंदरगाह पर रुकने और उसके कर्मचारियों को देश में प्रवेश करने की अनुमति दी है। बुधवार (4 मार्च) को एक ईरानी जहाज को एक अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो से हमला कर डुबो दिया था। इस हमले में 87 ईरानी नाविकों की मौत हो गई थी।

श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने टेलीविजन पर बोलते हुए बताया कि ईरानी नौसेना के एक अन्य जहाज, IRINS बुशेहर ने श्रीलंका सरकार से पूछा था कि क्या वह देश के किसी बंदरगाह पर रुक सकता है। श्रीलंका के अधिकारियों ने 53 अधिकारी, 84 कैडेट अधिकारी, 48 वरिष्ठ नाविक और 23 नाविकों सहित कुल 208 लोगों को राजधानी कोलंबो में प्रवेश करने की अनुमति दी है।

इसके अलावा, दुनिया के सबसे व्यस्त वाणिज्यिक बंदरगाहों में से एक कोलंबो के बजाय पूर्वी तट पर स्थित त्रिंकोमाली में जहाज को खड़ा करने का निर्णय लिया गया। ईरानी जहाज श्रीलंका के विशेष आर्थिक क्षेत्र में था और संयुक्त राष्ट्र के समुद्री कानून के अनुसार वह समुद्र के ऐसे हिस्से में मौजूद था जो किसी भी देश के समुद्री क्षेत्र के बाहर था, लेकिन श्रीलंका को उस जहाज की जांच करने का पूरा अधिकार था।

श्रीलंका और ईरान के बीच मजबूत राजनीतिक और आर्थिक संबंध हैं। परमाणु कार्यक्रम को लेकर मध्य-पूर्व के इस देश पर प्रतिबंध लगाए जाने से पहले श्रीलंका ने ईरान से 250 मिलियन डॉलर मूल्य का कच्चा तेल खरीदा था। दोनों देशों ने “तेल के बदले चाय” (Oil for Tea) के वस्तु विनिमय समझौते पर भी सहमति जताई थी, जिसके तहत श्रीलंका को ईरान को चाय के बदले मासिक किश्तों में भुगतान करने की अनुमति मिली। IRINS बुशेहर को त्रिंकोमाली में खड़ा करने की अनुमति देना श्रीलंका के लिए एक बड़ा फैसला माना जा रहा है। त्रिंकोमाली का काफी महत्व है और इसे दुनिया के गहरे प्राकृतिक बंदरगाहों में से एक माना जाता है।

यह भी पढ़ें:

डिप्रेशन को हराने में कारगर ‘7बी’ फॉर्मूला, छोटे बदलावों से मिलेगी बड़ी राहत!

अमेरिका से भारत को रुसी तेल की समुद्र में फंसी खेप खरीदने के लिए 30 दिनों अस्थायी छूट

आसाम सुखोई जेट दुर्घटना में वायुसेना के 2 पायलट की मौत

चिप निर्यात के नियमों पर बदलाव लाने की सोच रहा अमेरिका!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,046फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
297,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें