सुभाष घई ने बताया ‘परम शांति’ पाने का मार्ग, कहा- यह सब ‘गहरे ध्यान’ से संभव!

ये तीनों चुप रहकर, निष्पक्ष होकर और खुद को देखते हुए परम शांति और ज्ञान पाते हैं। ये सब गहरे ध्यान से आता है।

सुभाष घई ने बताया ‘परम शांति’ पाने का मार्ग, कहा- यह सब ‘गहरे ध्यान’ से संभव!

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निर्देशक सुभाष घई अक्सर सोशल मीडिया के जरिए अपने विचार व्यक्त करते रहते हैं। इसी बीच शनिवार को निर्देशक ने प्रशंसकों से सवाल किया।

निर्देशक ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट कर कैप्शन में लिखा, “साधु, संन्यासी और फकीर: परम शांति और ज्ञान कैसे पाते हैं? ये तीनों चुप रहकर, निष्पक्ष होकर और खुद को देखते हुए परम शांति और ज्ञान पाते हैं। ये सब गहरे ध्यान से आता है।”

घई ने इस पोस्ट के जरिए अपने प्रशंसकों को समझाने की कोशिश की है कि भले ही तीनों अलग-अलग रास्ते से अपना सफर तय करते हैं, लेकिन तीनों की मंजिल एक ही है।

सुभाष घई का पोस्ट प्रशंसकों को काफी पसंद आ रहा है। वे कमेंट सेक्शन में तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

घई अक्सर सोशल मीडिया पर सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मुद्दों पर अपनी राय रखते हैं। उनकी फिल्में कर्ज, राम-लखन, परदेस और ताल ने न सिर्फ दर्शकों का मनोरंजन किया, बल्कि एक सामाजिक संदेश भी दिया।

सुभाष घई ने करियर की शुरुआत 1976 की फिल्म ‘कालीचरण’ से की थी। आज वह एक सफल फिल्म निर्माता और व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल संस्थान के अध्यक्ष हैं।

हाल ही में निर्देशक के व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल संस्थान के कॉलेज के छात्रों ने एक शॉर्ट फिल्म ‘रॉकेटशिप’ बनाई है, जिसमें अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर मुख्य भूमिका में हैं।

इसके अलावा, फिल्म में उर्वी गर्ग, शाइना सरकार और राहुल चौधरी अहम किरदार में नजर हैं। फिल्म का लेखन और निर्देशन अर्जुन मेनन ने किया है, जबकि हरमनराय सिंह सहगल इसके निर्माता हैं। सिनेमैटोग्राफी का जिम्मा भागवत पुरोहित ने संभाला है। इसका संगीत अजमत खान ने तैयार किया है।

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