28.8 C
Mumbai
Tuesday, June 30, 2026
होमक्राईमनामाभरत भूषण तिवारी एनकाउंटर याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार!

भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार!

इसके साथ ही एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता का आरोप है कि भारत भूषण तिवारी की मौत एक हत्या का मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

Google News Follow

Related

बिहार के भोजपुर में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में दाखिल जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इंकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट जाने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट के वकील विशाल तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सीबीआई जांच की मांग की थी। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अगुवाई में स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति गठित करने की भी मांग की गई थी।
इसके साथ ही एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता का आरोप है कि भारत भूषण तिवारी की मौत एक हत्या का मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

वकील विशाल तिवारी की ओर से दायर जनहित याचिका को जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की बेंच ने सुनने से इंकार कर दिया है। इसके साथ ही याचिका दाखिल करने के औचित्य पर सवाल खड़ा किया। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा, आपने किस हैसियत से याचिका दाखिल की है? कोर्ट ने याचिकाकर्ता वकील से कहा कि हाईकोर्ट में जाकर अपनी बात रखिए।

इससे पहले, जब जस्टिस बी.वी. नागरत्ना की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने इस मामले का जिक्र किया गया था, तो सुप्रीम कोर्ट ने इस पर तत्काल सुनवाई करने से इंकार कर दिया था और याचिकाकर्ता को मामले को लिस्ट कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री से संपर्क करने का निर्देश दिया था।

इस जनहित याचिका में भोजपुर में 17 जून को भरत भूषण तिवारी की एनकाउंटर में हुई मौत के मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की गई है। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच और सीबीआई से जांच कराने की भी मांग की गई है।

याचिका के अनुसार, एनकाउंटर में होने वाली मौतें गैर-न्यायिक हत्याओं के बराबर हैं और लोकतांत्रिक समाज में कानून के शासन के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं। एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मी अक्सर एक ही तरह का तर्क देते हैं कि मारे गए व्यक्ति ने भागने की कोशिश करते हुए हथियार छीनने और गोली चलाने की कोशिश की, जिसके जवाब में पुलिस ने कार्रवाई की।

भोजपुर की घटना का जिक्र करते हुए याचिका में कहा गया है कि 28 वर्षीय भरत भूषण तिवारी की मौत फेसबुक लाइव प्रसारण के कुछ ही घंटों बाद हो गई, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कुछ मांगें पूरी होने पर सरेंडर करने की इच्छा जताई थी।

याचिका में मृतक के पिता काशीनाथ तिवारी के दावों का भी जिक्र किया गया है, जिन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था, न ही उसके खिलाफ कोई एफआईआर या चार्जशीट थी और हथियार डालने के बाद भी उसे गोली मार दी गई।
याचिका के अनुसार, इस घटना के बाद गांव में विरोध-प्रदर्शन हुए और निवासियों ने इस बात की जांच की मांग की कि क्या कथित सरेंडर के बाद जानलेवा बल का इस्तेमाल उचित था।
यह भी पढ़ें-

रामभक्तों पर गोली विवाद, रामपुर से सपा-कांग्रेस पर योगी का तीखा हमला!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,216फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
318,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें