भारत और अमेरिका ने आपसी व्यापार को नई गति देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए पारस्परिक टैरिफ पर अंतरिम समझौते (Interim Agreement) पर सहमति जता दी है। दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर बताया कि इस अंतरिम ढांचे से द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement – BTA) की बातचीत का दायरा और व्यापक होगा। यह घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई फोन वार्ता के बाद सामने आई, जिसके तुरंत बाद अमेरिका ने भारत पर टैरिफ में कटौती की घोषणा की।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस समझौते को भारत के निर्यात क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक अवसर बताते हुए कहा कि इससे भारतीय निर्यातकों के लिए $30 ट्रिलियन के वैश्विक बाजार के दरवाजे खुलेंगे। उन्होंने कहा कि इसका सबसे अधिक लाभ एमएसएमई, किसानों और मछुआरों को मिलेगा और इसके परिणामस्वरूप लाखों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। गोयल ने कहा, “यह समझौता भारत और अमेरिका को आर्थिक सहयोग को और गहरा करने पर केंद्रित रहने में मदद करेगा, जो हमारे लोगों और व्यवसायों के लिए सतत विकास के साझा संकल्प को दर्शाता है।”
अंतरिम समझौते की प्रमुख शर्तें
इस अंतरिम व्यापार ढांचे के तहत दोनों देशों ने टैरिफ में बड़े पैमाने पर रियायतें देने और व्यापार को प्रोत्साहित करने वाले बदलावों पर सहमति जताई है।
भारत अमेरिका से आयात होने वाले सभी औद्योगिक उत्पादों और खाद्य व कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर टैरिफ को समाप्त या कम करेगा। अमेरिका भारतीय उत्पादों पर लगाए जाने वाले पारस्परिक टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करेगा। इससे टेक्सटाइल और परिधान, लेदर और फुटवियर, प्लास्टिक और रबर उत्पाद, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, हस्तशिल्प और चुनिंदा मशीनरी जैसे क्षेत्रों को बड़ा बाजार मिलेगा।
वाशिंगटन कुछ भारतीय विमान और विमान पुर्जों पर लगाए गए टैरिफ भी हटाएगा। इसके साथ ही समझौते में ऑटोमोबाइल पार्ट्स के लिए भारत को प्रेफरेंशियल टैरिफ रेट कोटा दिए जाने का भी उल्लेख है। जनरिक दवाइयों, रत्न और आभूषण (हीरे-जवाहरात) सहित कई उत्पादों पर टैरिफ को शून्य कर दिया जाएगा।
दोनों देशों ने आपसी हित के क्षेत्रों में प्रेफरेंशियल मार्केट एक्सेस को स्थायी आधार पर उपलब्ध कराने पर भी सहमति जताई है।
प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अंतरिम व्यापार समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि यह भारत-अमेरिका साझेदारी की बढ़ती मजबूती को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “यह भारत-अमेरिका साझेदारी की बढ़ती गहराई, भरोसे और गतिशीलता को दर्शाता है। भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका नवाचार को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता रखते हैं और यह ढांचा हमारे बीच निवेश और प्रौद्योगिकी साझेदारियों को और मजबूत करेगा। जैसे-जैसे भारत ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, हम भविष्य-उन्मुख वैश्विक साझेदारियां बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो हमारे लोगों को सशक्त करें और साझा समृद्धि में योगदान दें।”
Great news for India and USA!
We have agreed on a framework for an Interim Trade Agreement between our two great nations. I thank President Trump for his personal commitment to robust ties between our countries.
This framework reflects the growing depth, trust and dynamism of… https://t.co/zs1ZLzamhd
— Narendra Modi (@narendramodi) February 7, 2026
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह अंतरिम समझौता न केवल द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारत की भूमिका को भी मजबूत करेगा। खासकर निर्यात-आधारित उद्योगों, MSME सेक्टर और कृषि-मत्स्य समुदाय के लिए इसे एक गेम-चेंजर माना जा रहा है।
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