दो–तीन हफ्तों में खत्म हो सकता है अमेरिका का ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान? ट्रंप ने क्या कहा

सीज़फायर प्रस्ताव पर भी दी प्रतिक्रिया

दो–तीन हफ्तों में खत्म हो सकता है अमेरिका का ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान? ट्रंप ने क्या कहा

The US military campaign against Iran could end in two to three weeks? What did Trump say?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (31 मार्च) को कहा कि ईरान के खिलाफ जारी संघर्ष जल्द ही समाप्त हो सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि वॉशिंगटन अगले दो से तीन हफ्तों में ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई खत्म कर सकता है। इससे मध्य पूर्व को अस्थिर करने वाले और वैश्विक ऊर्जा बाजारों को प्रभावित करने वाले लगभग एक महीने लंबे संघर्ष के समाप्त होने की संभावना जताई जा रही है।

व्हाइट हाउस में बोलते हुए ट्रंप ने कहा, “हम जल्द ही वापस लौट जाएंगे, और यह वापसी दो हफ्तों में, शायद तीन हफ्तों में हो सकती है।” उनके इस बयान को अब तक का सबसे स्पष्ट संकेत माना जा रहा है कि अमेरिका इस सैन्य अभियान को समेटने की तैयारी में है। ट्रंप ने यह भी कहा कि संघर्ष खत्म करने के लिए अमेरिका को तेहरान के साथ किसी राजनयिक समझौते की जरूरत नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि जब ईरान को “पाषाण युग” में धकेल दिया जाएगा और उसके पास तेजी से परमाणु हथियार विकसित करने की क्षमता नहीं बचेगी, तब यह अभियान समाप्त किया जाएगा।

वॉशिंगटन पहले ही चेतावनी दे चुका है कि अगर तेहरान अमेरिका के 15-सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करता है, तो सैन्य कार्रवाई और तेज की जा सकती है। इस प्रस्ताव में ईरान द्वारा परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता, यूरेनियम संवर्धन पर पूर्ण प्रतिबंध और होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से फिर से खोलने जैसी प्रमुख शर्तें शामिल हैं।

मंगलवार को अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप अब भी युद्ध खत्म करने के लिए ईरान के साथ समझौते के लिए तैयार हैं। इस युद्ध में हजारों लोगों की जान जा चुकी है, यह पूरे क्षेत्र में फैल गया है, ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई है और वैश्विक आर्थिक झटके का खतरा बढ़ गया है।

इसी बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड् कोर (IRGC) ने 1 अप्रैल से अमेरिकी तकनीकी और औद्योगिक कंपनियों को निशाना बनाने की धमकी दी है। इसमें Microsoft, Google, Apple, Intel, IBM, Tesla और Boeing सहित 18 कंपनियों के नाम शामिल हैं, जिनके क्षेत्रीय संचालन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।

इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघाची ने कहा कि उन्हें अमेरिका की ओर से सीधे संदेश मिल रहे हैं, लेकिन इसे बातचीत नहीं कहा जा सकता, क्योंकि तेहरान युद्ध समाप्त करने को लेकर अपना रुख और सख्त कर चूका है। अल जज़ीरा से बातचीत में उन्होंने बताया कि अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विट्कॉफ के साथ संवाद हुआ है, हालांकि यह ज्यादातर अप्रत्यक्ष रूप से ही हुआ है।

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