इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने वरिष्ठ सैन्य और रक्षा नेतृत्व के साथ दक्षिण लेबनान का अचानक दौरा किया। बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर उनका इस क्षेत्र में अचानक पहुंचना चर्चा का विषय बन गया। यहां तैनात इजरायली सैनिकों को संबोधित करते हुए नेतान्याहू ने कहा कि युद्ध अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने इजरायल की ताकत का उल्लेख करते हुए कहा कि यहूदी राष्ट्र के दुश्मन अब अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस दौरे में उनके साथ रक्षा मंत्री इस्रायल काट्ज़, इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल ज़मीर और नॉर्दर्न कमांड के प्रमुख मेजर जनरल रफी मिलो भी मौजूद थे। नेतान्याहू ने सैनिकों से कहा, “मैं यहां रक्षा मंत्री, सेना प्रमुख, नॉर्दर्न कमांड के कमांडिंग जनरल, डिवीजन कमांडर और हमारे रिजर्व सैनिकों के साथ हूं। यहां जबरदस्त उत्साह और लड़ने की तैयारी है और वे अच्छी तरह लड़ रहे हैं। लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र सहित युद्ध जारी है, जहां मैं एक घंटे पहले ही मौजूद था।”
दौरे के बाद नेतान्याहू सीमा के पास आईडीएफ की एक चौकी पर गए, जहां गैलिली डिवीजन के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल युवाल गेज़ ने उन्हें डिवीजन की गतिविधियों की जानकारी दी।
देश के सामरिक उद्देश्यों पर जोर देते हुए नेतान्याहू ने दावा किया कि इजरायल ने सुरक्षा क्षेत्र स्थापित कर लेबनान की ओर से संभावित सीमा पार हमलों को सफलतापूर्वक रोका है। उन्होंने कहा, “इस सुरक्षा क्षेत्र के कारण हम लेबनान से होने वाले हमलों के खतरे को टाल पाए हैं। हम टैंक-रोधी हमलों के खतरे को खत्म कर रहे हैं और लंबी दूरी के रॉकेट्स का सामना कर रहे हैं, लेकिन अभी भी बहुत काम बाकी है। हमने बहुत बड़ा काम किया है, बड़ी सफलता हासिल की है, और अभी बहुत कुछ करना बाकी है और हम वह कर रहे हैं।”
नेतान्याहू ने आगे कहा, “यहां एक बात साफ दिखती है कि हमने मध्य-पूर्व का चेहरा बदल दिया है। हमारे दुश्मन, ईरान और बुरे ताकतों का समूह मिलकर हमें खत्म करने आए थे, और अब वे खुद अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहे हैं। यह हर क्षेत्र में नजर आता है।”
उन्होंने इस अभियान को इजरायल राष्ट्र और इजरायल रक्षा बलों, नियमित सैनिकों और रिजर्व सैनिकों के लिए बड़ी सफलता बताया और अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि इजरायल की जनता उन्हें सलाम करती है।
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