यहां से कप्तान तिलक वर्मा ने ऋतुराज गायकवाड़ (37) के साथ तीसरे विकेट के लिए 52 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 91 के स्कोर तक पहुंचाया, लेकिन तिलक वर्मा (23) के आउट होते ही विकेटों का पतझड़ लग गया।
भारतीय टीम ने 143 के स्कोर तक अपने 7 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद विपराज निगम ने सूर्यांश शेडगे के साथ आठवें विकेट के लिए 90 गेंदों में 104 रन की साझेदारी करते हुए टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचा दिया। विपराज 49 गेंदों में 51 रन बनाकर आउट हुए, जबकि सूर्यांश ने 66 गेंदों में 2 छक्कों और 3 चौकों के साथ 72 रन की पारी खेली।
श्रीलंका-ए की तरफ से मोहम्मद शिराज और विजयकांत वियासकांत ने 3-3 विकेट हासिल किए। इनके अलावा, सहान अराच्चिगे, कुगाथास मथुलन और वानुजा सहान ने 1-1 विकेट निकाला।
इसके जवाब में श्रीलंका-ए 50 ओवरों में 9 विकेट खोकर 265 रन ही बना सकी। मेजबान टीम जब बल्लेबाजी के लिए उतरी, तो उसके खाते में पहले से ही 10 रन जोड़ दिए गए थे, क्योंकि भारतीय पारी के दौरान बल्लेबाज विपराज निगम के बार-बार प्रोटेक्टेड एरिया में दौड़ने की वजह से भारतीय टीम पर 5-5 रन की दो बार पेनाल्टी लगाई गई थी।
श्रीलंका को अविष्का फर्नांडो और निरोशन डिकवेला की सलामी जोड़ी ने मजबूत शुरुआत दिलाई। दोनों खिलाड़ियों ने 5 ओवरों में स्कोर 56 तक पहुंचा दिया। फर्नांडो 14 गेंदों में 5 चौकों के साथ 22 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद डिकवेला ने विशेन हलंबागे (17) के साथ 19 रन और सदीरा समरविक्रमा के साथ 37 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 112 रन तक पहुंचाया।
डिकवेला 33 गेंदों में 37 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद सदीरा ने मोर्चा संभाला। उन्होंने 113 गेंदों में 7 चौकों के साथ 93 रन की पारी खेली। श्रीलंका को अंतिम ओवर में जीत के लिए 5 रन की दरकार थी, लेकिन अरशद खान ने इस ओवर में सिर्फ 4 ही रन दिए और मैच ‘सुपर ओवर’ में पहुंचा।
भारतीय टीम अपना अगला मैच 17 जून को अफगानिस्तान-ए के खिलाफ इसी मैदान पर खेलेगी। सीरीज का फाइनल मैच 21 जून को खेला जाएगा।
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