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लैटिन अमेरिका में ट्रंप की बड़ी सैन्य तैनाती; एयरक्राफ्ट कैरियर भेजने से बढ़ी नए युद्ध की आशंका!

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लैटिन अमेरिका के समुद्री क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियां अचानक तेज़ हो गई हैं। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने विमानवाहक पोत (एयरक्राफ्ट कैरियर) तैनात करने की घोषणा की है। पेंटागन के इस कदम से पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई है और राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे संभावित सैन्य टकराव की आहट के रूप में देखा है।

अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने शुक्रवार (24 अक्तूबर)को बताया कि अमेरिकी नौसेना ने दक्षिण अमेरिकी तटों के पास एक विमानवाहक पोत भेजने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह तैनाती “अवैध गतिविधियों और ड्रग्स तस्करी पर अंकुश लगाने” के उद्देश्य से की जा रही है। हेगसेथ ने बताया कि अमेरिकी सेना ने हाल ही में कैरेबियाई सागर में एक संदिग्ध ड्रग्स तस्करी नौका पर 10वां हमला किया, जिसमें छह लोगों की मौत हुई।

पेंटागन प्रवक्ता सीन पार्नेल ने सोशल मीडिया पर कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देशानुसार, रक्षा मंत्री ने यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड और उसके स्ट्राइक ग्रुप को अमेरिकी दक्षिणी कमान (US SOUTHCOM) क्षेत्र में तैनात करने का आदेश दिया है। इसका उद्देश्य अमेरिका की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले अवैध तत्वों का पता लगाना, निगरानी करना और उन्हें निष्क्रिय करना है।”

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड वर्तमान में भूमध्य सागर में है और हाल ही में क्रोएशिया के बंदरगाह पर पहुंचा है। एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, इसके बेड़े के एक विध्वंसक जहाज अरब सागर में और दूसरा लाल सागर में मौजूद है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पूरा स्ट्राइक ग्रुप लैटिन अमेरिकी जलक्षेत्र तक कब पहुंचेगा।

अमेरिकी सेना के लगातार हमलों और अब एयरक्राफ्ट कैरियर की तैनाती ने इस सवाल को जन्म दिया है कि ट्रंप प्रशासन ड्रग्स विरोधी अभियान की आड़ में सैन्य विस्तार तो नहीं कर रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम वेनेजुएला, क्यूबा और निकारागुआ जैसे देशों पर दबाव बनाने का हिस्सा हो सकता है, जिन्हें ट्रंप प्रशासन लंबे समय से अमेरिकी हितों के विरोधी मानता रहा है।

अमेरिकी तैनाती से चिंतित वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने कहा, “कोई युद्ध का पागलपन नहीं हमेशा के लिए शांति, हमेशा शांति।” मादुरो ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने लैटिन अमेरिका में सैन्य आक्रामकता बढ़ाई, तो उसके “गंभीर परिणाम” होंगे।

ट्रंप प्रशासन के आलोचकों का कहना है कि कैरेबियाई और दक्षिण अमेरिकी तटों पर बढ़ती अमेरिकी गतिविधियां क्षेत्र को अस्थिर कर सकती हैं। अमेरिका इससे पहले भी वेनेजुएला में मादक पदार्थों की तस्करी के नाम पर सैन्य उपस्थिति बढ़ा चुका है।

अब जबकि एक पूर्ण एयरक्राफ्ट कैरियर और उसके विध्वंसक युद्धपोतों का समूह वहां भेजा जा रहा है, विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिर्फ ड्रग्स तस्करी रोकने का अभियान नहीं, बल्कि एक भू-राजनीतिक संदेश भी है।

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