स्विस फेडरल काउंसिल की सदस्या का बात करने का तरीका पसंद नहीं आया तो ट्रंप ने बढ़ाए टैरिफ

ट्रंप के मुताबिक, जब स्विस पक्ष ने उनसे पारस्परिक शुल्क (reciprocal tariffs) वापस लेने का आग्रह किया, तो बातचीत का लहजा उन्हें 'आक्रामक' लगा।

स्विस फेडरल काउंसिल की सदस्या का बात करने का तरीका पसंद नहीं आया तो ट्रंप ने बढ़ाए टैरिफ

Trump raised tariffs after he didn't like the way a Swiss Federal Council member spoke.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप देश की टेर्रिफ नीति को अपनी बात मनवाने के लिए हथियार की तरह इस्तेमाल करते है। वहीं अब उनके मनमाने ‘टेर्रिफ दंड नीति’ में नई ऊंचाई स्थापित की है। हाल ही में स्विट्ज़रलैंड पर टैरिफ में अतिरिक्त नौ प्रतिशत की बढ़ोतरी का कारण बताते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा की टेर्रिफ में अतिरिक्त बढ़ोतरी इसलिए की क्योंकि स्विस नेतृत्व की ओर से उनसे जिस तरीके से बात की गई, वह उन्हें पसंद नहीं आया।

ट्रंप के मुताबिक, जब स्विस पक्ष ने उनसे पारस्परिक शुल्क (reciprocal tariffs) वापस लेने का आग्रह किया, तो बातचीत का लहजा उन्हें ‘आक्रामक’ लगा।

फॉक्स बिज़नेस को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि स्विस फेडरल काउंसिल की सदस्य कैरिन केलर-सुटर, जिन्हें ट्रंप ने गलती से प्रधानमंत्री बताया। ट्रंप ने कहा उनकी बातचीत का अंदाज़ बार-बार दोहराया जाने वाला और आक्रामक था। ट्रंप ने कहा, “मैंने 30 प्रतिशत का टैरिफ लगाया, जो बहुत कम है। फिर मुझे, मेरे ख्याल से, स्विट्ज़रलैंड की प्रधानमंत्री का एक आपातकालीन फोन आया, और वह बहुत आक्रामक थीं, हालांकि अच्छी भी थीं, लेकिन बहुत आक्रामक। उन्होंने कहा, ‘सर, हम एक छोटा देश हैं। हम यह नहीं कर सकते। हम यह नहीं कर सकते।’ मैं उन्हें फोन से हटा ही नहीं पाया।”

ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने स्विस नेता से कहा कि भले ही स्विट्ज़रलैंड एक छोटा देश हो, लेकिन अमेरिका के साथ उसका व्यापार घाटा 42 अरब अमेरिकी डॉलर का है। उन्होंने आगे कहा, “‘नहीं, नहीं, हम एक छोटा देश हैं।’ बार-बार, बार-बार, बार-बार। मैं उन्हें फोन से हटा ही नहीं पाया, इसलिए 30 प्रतिशत रहा। और मुझे वास्तव में उनका हमारे साथ बात करने का तरीका पसंद नहीं आया, इसलिए उन्हें रियायत देने के बजाय मैंने इसे बढ़ाकर 39 प्रतिशत कर दिया।”

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी आरोप लगाया कि स्विट्ज़रलैंड अमेरिका को निर्यात करते समय लगभग कोई टैरिफ नहीं देता और कहा कि वह ऐसे सामान भेजता है, जैसा कोई कल्पना भी नहीं कर सकता।”

ट्रंप ने इससे पहले कुछ हफ्ते पहले दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान भी इसी तरह की टिप्पणी की थी, जहां उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि स्विट्ज़रलैंड में प्रधानमंत्री हैं या राष्ट्रपति। उस समय उन्होंने कहा था, “मुझे लगता है प्रधानमंत्री, मुझे नहीं पता, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ने फोन किया, एक महिला। और वह बहुत दोहराव कर रही थीं। उन्होंने कहा, ‘नहीं, नहीं, नहीं, आप ऐसा नहीं कर सकते, 30 प्रतिशत। हम एक छोटा, छोटा देश हैं।’ लेकिन मैंने कहा, ‘आप छोटे हो सकते हैं, लेकिन आपके साथ व्यापार घाटा बड़ा है।’”

गौरतलब है कि स्विट्ज़रलैंड में न तो प्रधानमंत्री होता है और न ही कोई कार्यकारी राष्ट्रपति। देश का शासन सात सदस्यीय फेडरल काउंसिल सामूहिक रूप से चलाती है।

हालांकि, इस बयानबाज़ी के बावजूद, अमेरिका और स्विट्ज़रलैंड के वार्ताकार नवंबर में एक प्रारंभिक समझौते पर पहुंचे थे, जिसके तहत टैरिफ दर को घटाकर 15 प्रतिशत करने पर सहमति बनी थी। इसके बदले स्विस उद्योगों ने 2028 के अंत तक अमेरिका में 200 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई थी।

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