17 से 21 अक्टूबर तक चलने वाले इस आयोजन में इंडिया पवेलियन के तहत प्रदेश के अनाज, जैविक खाद्य उत्पादों, स्नैक्स, फल-सब्जियों और फूड स्टार्टअप्स के उत्पादों को प्रदर्शित किया जा रहा है। सरकार का जोर प्रदेश में तैयार खाद्य उत्पादों को वैश्विक खरीदारों और निवेशकों तक पहुंचाने के साथ ही खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश और निर्यात की संभावनाएं बढ़ाने पर है।
अपर मुख्य सचिव बीएल मीणा ने बताया कि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दिशा-निर्देशों में प्रदेश का खाद्य प्रसंस्करण विभाग नए अवसरों की तलाश कर रहा है। पेरिस के अंतरराष्ट्रीय खाद्य मेले में प्रदेश की भागीदारी इसी प्रयास का हिस्सा है। यहां उत्तर प्रदेश में तैयार विभिन्न खाद्य उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति और वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भागीदारी से उत्तर प्रदेश के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान स्थापित करने का अवसर मिल रहा है। सियाल फेयर जैसे आयोजन प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार युवाओं, महिलाओं और किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में अहम भूमिका निभा रहा है। कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन किसानों को उनके उत्पादों के बेहतर विपणन के अवसर उपलब्ध कराने में सहायक हो सकता है।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश में निर्मित खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए सरकार विभिन्न प्रोत्साहन योजनाएं संचालित कर रही है। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में तैयार शुद्ध, गुणवत्तापूर्ण और उत्कृष्ट खाद्य उत्पादों को दुनिया के अधिक से अधिक देशों के बाजारों तक पहुंचाना है।



