अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने दिया इस्तीफा

मौजूदा उपप्रमुख आरोन लुकास संभालेंगे कार्यभार

अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने दिया इस्तीफा

US Director of National Intelligence Tulsi Gabbard resigns

अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (DNI) तुलसी गबार्ड  ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है। वह 30 जून तक अपने पद पर बनी रहेंगी, जिसके बाद आधिकारिक रूप से पद छोड़ देंगी। उन्होंने यह फैसला निजी कारणों से लिया है, और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।

साथ ही, तुलसी गबार्ड के मौजूदा उपप्रमुख एरोन लुकास को अंतरिम राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (Acting DNI) के रूप में नियुक्त किया गया है। व्हाइट हाऊस ने कहा है कि स्थायी नियुक्ति की घोषणा उचित समय पर की जाएगी।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए एक पोस्ट में तुलसी गबार्ड ने बताया कि उनके पति अब्राहम विलियम्स को हड्डियों के कैंसर (Bone Cancer) के एक अत्यंत दुर्लभ प्रकार का निदान हुआ है। उन्होंने कहा कि पति और परिवार की पूर्णकालिक देखभाल के लिए वह अपने पद से इस्तीफा दे रही हैं।

राष्ट्रपति ट्रंप को लिखे अपने इस्तीफे के पत्र में गबार्ड ने पिछले डेढ़ वर्ष के दौरान सेवा करने का अवसर मिलने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान राष्ट्रीय खुफिया निदेशक कार्यालय (ODNI) में पारदर्शिता बढ़ाने, संस्थागत ईमानदारी बहाल करने और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रमुख लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की उपलब्धियों का उल्लेख किया।

राष्ट्रपति ट्रंप ने भी गबार्ड के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि एरोन लुकास संक्रमण काल के दौरान DNI के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि स्थायी उत्तराधिकारी की घोषणा बाद में की जाएगी।

सैन्य पृष्ठभूमि रखने वाली, पूर्व कांग्रेस सदस्य और पूर्व राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार तुलसी गबार्ड को 2025 की शुरुआत में ट्रंप प्रशासन के तहत राष्ट्रीय खुफिया निदेशक नियुक्त किया गया था।

हालांकि गबार्ड ने अपने पति की बीमारी को इस्तीफे का मुख्य कारण बताया है, लेकिन कुछ रिपोर्टों में व्हाइट हाउस के साथ उनके मतभेदों की भी चर्चा हो रही है। माना जा रहा है कि इसका एक कारण ईरान के खिलाफ संभावित युद्ध को लेकर उनका कड़ा विरोध रहा है।

तुलसी गबार्ड लंबे समय से अमेरिका द्वारा दूरस्थ देशों में किए जाने वाले सत्ता परिवर्तन (Regime Change) युद्धों की आलोचना करती रही हैं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए वेनेज़ुएला में चलाए गए एक गुप्त अभियान से भी उन्हें अलग रखा गया था।

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