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Saturday, January 3, 2026
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कोलकाता में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे, भव्य राष्ट्रीय समारोह!

वे विभिन्न भारतीय भाषाओं में वंदे मातरम के साथ-साथ देशभक्ति से भरे बंगाली और हिंदी गीत प्रस्तुत करेंगे।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में और संस्कृति मंत्रालय के मार्गदर्शन में वंदे मातरम गीत के 150 वर्ष पूरे होने पर राष्ट्रीय स्तर पर भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा। यह मुख्य कार्यक्रम 5 और 6 जनवरी 2026 को कोलकाता में होगा, जिसमें गीत के रचयिता ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और स्वदेश भक्ति की भावना को श्रद्धांजलि दी जाएगी।

कार्यक्रम की शुरुआत बंकिम चंद्र से जुड़े तीन ऐतिहासिक स्थानों से होगी। इन स्थानों से 5 जनवरी 2026 को तीन मोटरसाइकिल रैलियां निकाली जाएंगी। हर रैली में 150 सवार शामिल होंगे और प्रमुख व्यक्तियों के नेतृत्व में प्रत्येक रैली एक दीप शिखा लेकर चलेगी।

ये स्थान हैं- नैहाटी स्थित बंकिम भवन गबेशना केंद्र, जो बंकिम चंद्र का पैतृक घर है, प्रेसिडेंसी यूनिवर्सिटी जहां उन्होंने पढ़ाई की थी और चिनसुराह का बंकिम भवन जहां वंदे मातरम गीत की रचना हुई थी। तीनों रैलियां कोलकाता के जोरासांको ठाकुरबाड़ी में समाप्त होंगी, जहां अखंड ज्योति प्रज्वलित की जाएगी। शाम को जोरासांको ठाकुरबाड़ी में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा।

अगले दिन 6 जनवरी 2026 को अखंड ज्योति को एक विशेष रैली में ले जाया जाएगा। इस रैली का नेतृत्व प्रसिद्ध एथलीट पी.टी. उषा करेंगी। रैली जोरासांको ठाकुरबाड़ी से विक्टोरिया मेमोरियल हॉल तक जाएगी।

विक्टोरिया मेमोरियल में शाम को एक शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा जिसमें सोनू निगम, कैलाश खेर, उषा उथुप, श्रेया घोषाल, अरिजीत सिंह, शंकर महादेवन, कविता कृष्णमूर्ति, मालिनी अवस्थी जैसे मशहूर गायकों के साथ कई अन्य कलाकार हिस्सा लेंगे। वे विभिन्न भारतीय भाषाओं में वंदे मातरम के साथ-साथ देशभक्ति से भरे बंगाली और हिंदी गीत प्रस्तुत करेंगे।

यह समारोह यहीं खत्म नहीं होगा बल्कि पूरे एक साल तक देशभर में फैलेगा। संस्कृति मंत्रालय कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल हॉल में एक स्थायी आर्ट्स विलेज बनाएगा, जहां भारत की समृद्ध कला और संस्कृति प्रदर्शित होगी।

यह गांव युवा कलाकारों को मंच देगा और स्वदेशी कारीगरों को सहारा प्रदान करेगा। साथ ही अंतर-राज्य और अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान, प्रतिष्ठित कलाकारों और विद्वानों के लिए सालाना वंदे मातरम राष्ट्रीय पुरस्कार, बंकिम चंद्र द्विवार्षिक आयोजन और भारत सरकार द्वारा बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय पर आधारित एक फिल्म का निर्माण भी शामिल है।

26 दिसंबर 2025 को संस्कृति मंत्रालय के विशेष कर्तव्य अधिकारी ने समारोहों की रूपरेखा अंतिम रूप देने के लिए संचालन समिति की बैठक की अध्यक्षता की थी। यह आयोजन देश की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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