28 C
Mumbai
Saturday, September 26, 2026
National Stock Exchange of India Limited
होमक्राईमनामाअफगानिस्तान में महिलाओं का पढ़ना या कॉलेज जाना बैन!

अफगानिस्तान में महिलाओं का पढ़ना या कॉलेज जाना बैन!

तालिबान ने महिलाओं की आजादी पर रोक लगाने वाले फैसले लेने शुरू कर दिए हैं।

Google News Follow

Related

- Advertisement -National Stock Exchange

अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज होते ही तालिबान ने सबसे पहले महिलाओं की आजादी पर रोक लगाया। उन फैसलों में महिलाओं के आने-जाने से लेकर, सार्वजनिक रूप से चेहरा दिखाने तक पर पाबंदियां लगा दी गई। लेकिन हालिया फैसले में तालिबान ने अफगानिस्तान में लड़कियों की यूनिवर्सिटी की पढ़ाई पर पूरी तरह बैन कर दी है। तालिबान के हायर एजुकेशन मिनिस्टर नेदा मोहम्मद नदीम ने सभी सरकारी और प्राइवेट यूनिवर्सिटीज को एक लेटर लिखा है। इसमें कहा गया है कि अगला नोटिस जारी किए जाने तक यह नियम लागू रहेगा।

यह फैसला ऐसे वक्त में आया है, जब विश्वविद्यालय में छात्र और छात्राएं साल की अंतिम परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। इस फैसले के बाद अब कई छात्राएं अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सकेंगी। नई घोषणा के बाद अब अफगानिस्तान की छात्राएं अधिकतम 6वीं कक्षा तक ही पढ़ाई कर सकेंगी। 3 महीने पहले ही तालिबान ने महिलाओं को यूनिवर्सिटी के प्रवेश परीक्षा में बैठने की इजाजत दी थी। हजारों युवतियों और महिलाओं ने अफगानिस्तान के कई राज्यों में परीक्षा दी थी। हालांकि, विश्वविद्यालय में विषयों के चयन को लेकर तालिबान ने प्रतिबंध लगाए थे। जहां महिलाएं अभियांत्रिक, अर्थशास्त्र, विज्ञान और कृषि शिक्षा जैसे विषय नहीं पढ़ सकती थीं।

गौरतलब है कि तालिबान जब सत्ता में आया था, तो उसने यह दिखाने की कोशिश की थी कि वह अब बदल चुका है और लोगों की आजादी छीनने वाले पुराने फैसले लागू नहीं करेगा। लेकिन सत्ता पर काबिज होते ही धीरे-धीरे तालिबान ने अपना असली चेहरा दिखाना शुरू कर दिया था और कई ऐसे निर्णय लिए, जिससे लोगों के बुनियादी अधिकारों पर भी गंभीर प्रभाव पड़ा, खासकर की महिलाओं एवं लड़कियों के लिए।

तालिबान के इस फैसले पर संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई है। सेक्रेटरी जनरल एंटोनियो गुटेरेस ने बुधवार को कहा कि ये लड़कियों और महिलाओं के मानव अधिकारों का हनन है। वहीं, अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि तालिबान को इंटरनेशनल कम्युनिटी का मेंबर नहीं माना जा सकता। बता दें कि इंटरनेशनल कम्युनिटी में तालिबान को आतंकी संगठन माना जाता है। जिसके चलते दुनिया के कई देश इसे सरकार का दर्जा नहीं देते हैं।

ये भी देखें 

तालिबान महिलाओं के उम्मीदों का कब्रिस्तान  

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

150,250फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
335,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें