26 C
Mumbai
Saturday, March 7, 2026
होमलाइफ़स्टाइलकहीं आप भी तो नहीं खा रहे सीधा क्रीम से बना घी,...

कहीं आप भी तो नहीं खा रहे सीधा क्रीम से बना घी, जानें क्या कहता है आयुर्वेद

Google News Follow

Related

आज के समय में शुद्ध घी मिल पाना अपने आप में एक अनोखी बात है। बाजार में मिलने वाले घी में शुद्धता की पहचान कर पाना मुश्किल है, और ज्यादातर घी में मिलावटी पदार्थ को मिलाकर बेचा जाता है। बाजार में क्रीम से देसी घी निकालने का चलन बहुत बढ़ गया है। लोगों के बीच धारणा है कि डिब्बांबद मिलावटी घी खाने से कई बेहतर है क्रीम से निकला घी खाना, लेकिन क्या आप जानते हैं कि क्रीम से निकला घी शरीर को सिर्फ बीमारी और वसा ही देता है।

चरक संहिता में कहा गया है, “सर्वस्नेहेषु श्रेष्ठं घृतम्,” जिसका अर्थ है कि सभी वसायुक्त पदार्थों में घी सर्वोत्तम है। आयुर्वेद में घी को वसा रहित माना गया है, जिसमें किसी तरह का ट्रांस फैट नहीं होता है। आयुर्वेद में घी बनाने की सही विधि भी बताई गई है, जिसका पालन सदियों से हमारे देश में होता आ रहा है, लेकिन समय की कमी और आधुनिकता ने सब कुछ बदलकर रख दिया है। पहले दूध से दही जमाया जाता है, फिर दही को मथकर माखन निकाला जाता है, और अंत में उसी माखन को पकाकर घृत तैयार किया जाता है, लेकिन आज सीधा दूध से मलाई को इकट्ठा कर घी निकाल दिया जाता है, जिसमें वसा ज्यादा और पोषक तत्व कम होते हैं।

प्राकृतिक तरीके से बनाए गए घी को मटके में धीमी आंच पर पकाने की परंपरा रही है, जिससे घी में केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि पाचन में आसानी और शरीर के लिए बलवर्धक रहा है। प्राकृतिक तरीके से बनाए गए घी को बनाने से पहले दूध को दही के रूप में जमाया जाता है, जो उसके गुणों में वृद्धि करता है। दही में मौजूद प्राकृतिक जीवाणु दही को पौष्टिक और पाचन में आसान बनाते हैं, और उससे निकले मक्खन में वही सारे गुण होते हैं।

प्राकृतिक तरीके से बना घी पाचन में आसान होता है, पाचन अग्नि को भी संतुलित करता है, धातुओं को पोषण देता है, और शरीर का ओज भी बरकरार रखता है। वहीं, सीधा मलाई या क्रीम से बनाए गए घी में दही जमाने वाला चरण नहीं होता है, जिससे घी की गुणवत्ता कम होती है। सीधे क्रीम से घी निकालने पर हाथ में घी नहीं, प्योर वसा आती है। इसका सेवन करने से सिर्फ मोटापा और बीमारी ही मिलती है।

यह भी पढ़ें:

अमेरिका से भारत को रुसी तेल की समुद्र में फंसी खेप खरीदने के लिए 30 दिनों अस्थायी छूट

चिप निर्यात के नियमों पर बदलाव लाने की सोच रहा अमेरिका!

श्रीलंका ने ईरान के ‘IRINS बुशेहर’ को दिया आश्रय

कर्नाटक: 16 साल से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,044फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
297,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें