पेट में जलन और खट्टा स्वाद? हाइपर एसिडिटी से बचाव में कारगर हैं ये उपाय!

पेट में जलन और खट्टा स्वाद? हाइपर एसिडिटी से बचाव में कारगर हैं ये उपाय!

Burning sensation in the stomach and a sour taste? These remedies are effective in preventing hyperacidity.

अनियमित दिनचर्या और गड़बड़ खानपान की वजह से आज के समय में हाइपर एसिडिटी की समस्या आम बात बन चुकी है, जिसमें पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड की मात्रा सामान्य से ज्यादा बनने लगती है। इससे छाती या पेट में जलन, खट्टी डकार, मुंह में खट्टा स्वाद, मतली और गैस जैसी परेशानियां होती हैं।

हाइपर एसिडिटी की मुख्य वजह मसालेदार, तला-भुना भोजन, तनाव, अनियमित जीवनशैली और ज्यादा देर भूखे रहना शामिल है। आयुर्वेद में इसे ‘अम्लपित्त’ कहते हैं। सही आदतों और घरेलू उपायों से इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने हाइपर एसिडिटी के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों को जागरूक करने के लिए एक सरल और प्रभावी आयुर्वेदिक गाइड जारी किया। मंत्रालय का कहना है कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर हाइपर एसिडिटी के लक्षणों से लंबे समय तक राहत पाई जा सकती है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाया जा सकता है।

हाइपर एसिडिटी तब होती है जब पेट में अम्ल (एसिड) की मात्रा सामान्य से अधिक हो जाती है। इससे पेट और छाती में जलन, ऊपरी पेट में भारीपन या तकलीफ, मतली, बेचैनी, मुंह में खट्टा स्वाद आना और कभी-कभी उल्टी जैसी शिकायतें होती हैं। ये लक्षण समय पर पहचानकर और जीवनशैली में सुधार करके आसानी से नियंत्रित किए जा सकते हैं।

इसके लिए एक्सपर्ट कुछ आसान और कारगर सुझाव देते हैं, जैसे भारी, बहुत मसालेदार, खट्टे और तीखे-गर्म भोजन से पूरी तरह परहेज, जंक फूड, प्रोसेस्ड और पैकेट वाले खाद्य पदार्थ न खाएं। लंबे समय तक भूखे या प्यासे न रहें, नियमित अंतराल पर थोड़ा-थोड़ा भोजन करें। धूम्रपान और शराब का सेवन बिल्कुल न करें। रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, खासकर दिन में 8-10 गिलास। रात को समय पर सोएं और अच्छी नींद लें, अनियमित नींद पाचन को और बिगाड़ सकती है। तनाव, चिंता और मानसिक दबाव के लिए दिनचर्या में योग, ध्यान, प्राणायाम या हल्की सैर को शामिल करें।

इन छोटे बदलावों से न केवल हाइपर एसिडिटी के लक्षण कम होते हैं, बल्कि गट हेल्थ (आंतों का स्वास्थ्य) भी बेहतर होती है। यह गाइड विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जो बार-बार एसिडिटी, गैस, जलन या पेट संबंधी परेशानी महसूस करते हैं। हालांकि, यदि लक्षण लगातार बने रहें या बहुत तेज हों तो तुरंत चिकित्सकीय जांच कराएं।

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