लौंग भारतीय रसोई का एक प्रमुख मसाला है, जिसकी सुगंध और स्वाद हर व्यंजन को खास बना देता है। लेकिन यह केवल स्वाद बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके औषधीय गुण भी इसे बेहद खास बनाते हैं। आयुर्वेद से लेकर आधुनिक शोध तक, लौंग को पाचन और स्वास्थ्य सुधार में कारगर माना गया है।
चरक संहिता में लौंग को वातनाशक और पाचनवर्धक बताया गया है। इसका प्रयोग गले की खराश, दांत दर्द और पाचन विकारों के इलाज में किया जाता है। साथ ही, यह कफ और पित्त दोष को संतुलित करने में भी सहायक मानी जाती है।
नियमित रूप से सुबह-शाम भोजन से पहले एक लौंग का सेवन करने से मतली और उल्टी जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है। इसके अलावा, यह पेट में गैस, सूजन और अपच को भी कम करने में मददगार है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, लौंग में युजेनॉल नामक तत्व पाया जाता है, जो एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है। यह संक्रमण से लड़ने में मदद करता है और गले की खराश, सांस की बदबू तथा पाचन समस्याओं को कम करने में कारगर है।
दांत दर्द की स्थिति में भी लौंग का उपयोग लाभकारी है। विशेषज्ञ बताते हैं कि एक-दो लौंग को चाय में डालकर या भोजन में मसाले के रूप में प्रयोग करने से ये फायदे आसानी से मिल सकते हैं। लौंग की तासीर गर्म होती है। यही कारण है कि आयुर्वेदाचार्य गर्मियों में इसके अधिक सेवन से बचने की सलाह देते हैं। सीमित मात्रा में, खासकर चाय या भोजन में डालकर इसका उपयोग किया जा सकता है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि लौंग का संतुलित सेवन पाचन को बेहतर बनाता है और गले की खराश व सांस की बदबू जैसी समस्याओं से निजात दिला सकता है। हालांकि, जिन लोगों को पित्त या एसिडिटी की समस्या ज्यादा रहती है, उन्हें लौंग का उपयोग सावधानी से करना चाहिए। किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में डॉक्टर से परामर्श लेना ही उचित है।
यह भी पढ़ें:
ताइवान की कंपनियां मेक्सिको में भेज रही हैं AI हार्डवेयर की वैश्विक सप्लाई चेन!
“लालटेन राज में बिहार लाल आतंक से जकड़ा था”
गया रैली में पीएम मोदी ने ‘सूद समेत’ लौटाई तारीफ!
सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस के ‘वोट चोरी अभियान’ के खिलाफ जनहित याचिका!



