रागी रोटी दक्षिण भारत की पारंपरिक रसोई का अहम हिस्सा रही है और पीढ़ियों से रोज़मर्रा के भोजन में शामिल रही है। यह रोटी फिंगर मिलेट यानी रागी से बनाई जाती है, जो उन इलाकों में प्रमुख अनाज रहा है जहां धान और गेहूं की खेती कठिन थी। शुष्क जलवायु में आसानी से उगने वाली इस फसल ने ग्रामीण और कृषि समुदायों को पोषण का भरोसेमंद स्रोत दिया।
पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, रागी अपने उच्च पोषक तत्वों के कारण अलग पहचान रखता है। इसमें वनस्पति प्रोटीन, जटिल कार्बोहाइड्रेट और भरपूर मात्रा में आहार फाइबर पाया जाता है। यही कारण है कि रागी से बने व्यंजन लंबे समय तक पेट भरा होने का एहसास देते हैं। तेज़ ऊर्जा उतार-चढ़ाव की बजाय यह धीरे-धीरे ऊर्जा प्रदान करता है, जिससे यह शारीरिक श्रम करने वालों और सक्रिय जीवनशैली अपनाने वालों के लिए उपयुक्त माना जाता है।
इतिहासकारों का कहना है कि रागी रोटी पारंपरिक रूप से किसानों और मज़दूरों के भोजन का हिस्सा रही है, जिन्हें लंबे समय तक काम के लिए ताकत और सहनशक्ति की जरूरत होती थी। इसकी धीमी पाचन प्रक्रिया बार-बार भोजन की आवश्यकता को कम करती थी। समय के साथ यह रोटी संतुलित आहार और स्वास्थ्य-conscious भोजन का प्रतीक बन गई।
रागी में मौजूद कैल्शियम हड्डियों की मजबूती में सहायक माना जाता है, जबकि इसका फाइबर पाचन को बेहतर करता है। यह रोटी प्राकृतिक रूप से ग्लूटेन-फ्री होती है, जिससे गेहूं से परहेज करने वाले लोग भी इसे आसानी से खा सकते हैं। पोषण विशेषज्ञों के मुताबिक, रागी रोटी कम मात्रा में भी तृप्ति देती है, इसलिए यह वजन नियंत्रित रखने वाले आहार में भी शामिल की जाती है।
घर पर रागी रोटी बनाने की विधि
रागी रोटी हल्के दोपहर या रात के भोजन के लिए उपयुक्त मानी जाती है। इसे बनाना सरल है और इसके लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती।
सामग्री (4 रोटियों के लिए):
- रागी का आटा – 1 कप
- गुनगुना पानी – ¾ से 1 कप (आवश्यकतानुसार)
- बारीक कटा प्याज़ – 2 चम्मच (वैकल्पिक)
- हरा धनिया – 1 चम्मच
- हरी मिर्च – ½ चम्मच (वैकल्पिक)
- नमक – स्वादानुसार
- तेल – 1 चम्मच
विधि:
एक बर्तन में रागी का आटा और नमक मिलाएं। इसमें प्याज़, धनिया और हरी मिर्च डालें। गुनगुना पानी थोड़ा-थोड़ा डालते हुए उंगलियों से नरम और हल्का चिपचिपा आटा गूंथ लें। आटे के छोटे हिस्से लें और चिकनी सतह पर हल्के हाथ से थपथपाकर गोल रोटी बनाएं। मध्यम आंच पर तवा गर्म कर रोटी सेकें, दोनों ओर हल्का तेल लगाकर अच्छी तरह पकाएं।
रागी रोटी को नरम रखने के सुझाव
विशेषज्ञों का कहना है कि गुनगुना पानी इस्तेमाल करने से आटा बेहतर नमी पकड़ता है। रोटी को बेलने की बजाय थपथपाने से वह सख्त नहीं होती। मध्यम आंच पर पकाना और तैयार रोटियों को ढककर रखना भी नरमी बनाए रखने में मदद करता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि रागी रोटी न केवल पारंपरिक स्वाद देती है, बल्कि आधुनिक जीवनशैली में भी संतुलित और पौष्टिक भोजन का अच्छा विकल्प है।
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