आज के समय में जब गट हेल्थ यानी आंतों का स्वास्थ्य चर्चा का विषय बन गया है, कंबूचा एक ट्रेंडी पेय के रूप में उभरा है, जो कई पाचन संबंधी समस्याओं से राहत देने के लिए इस्तेमाल होता है। यह प्राचीन चाय, अक्सर फलों या जड़ी-बूटियों से स्वादिष्ट, मीठी चाय और बैक्टीरिया एवं यीस्ट की सहजीवी संस्कृति (SCOBY) से बनाई जाती है। इसकी खट्टी-मीठी और झागदार प्रकृति ने स्वास्थ्य प्रेमियों का ध्यान खींचती रही है, लेकिन क्या यह सचमुच पेट की विभिन्न समस्याओं में मदद करता है?
हालिया वैज्ञानिक समीक्षाओं, क्लिनिकल ट्रायल और विशेषज्ञों की राय के आधार पर, यह लेख यह जांचता है कि कॉम्बुचा को नियमित रूप से शामिल करने के क्या संभावित लाभ हैं और किन सावधानियों के साथ। इसे कब्ज़, दस्त, पेट फूलना, इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS), गैस्ट्राइटिस और एसिड रिफ्लक्स जैसी समस्याओं में उपयोग किया जा सकता है। हालांकि प्रमाण धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं, यह महत्वपूर्ण है कि इन दावों को संतुलित दृष्टिकोण से देखा जाए, जिसमें उत्साह और सीमाओं दोनों को समझा जाए।
कंबूचा का आकर्षण इसके प्रोबायोटिक कंटेंट में है, जो किण्वन के दौरान विकसित होता है। प्रोबायोटिक्स जीवित सूक्ष्मजीव होते हैं, जो उचित मात्रा में लेने पर गट माइक्रोबायोम को सहारा देकर पाचन, प्रतिरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य में मदद कर सकते हैं। क्लीवलैंड क्लिनिक की रजिस्टर्ड डाइटीशियन जूलिया ज़म्पानो कहती हैं, “कंबूचा वास्तव में अच्छे, स्वस्थ गट बैक्टीरिया को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है, जिससे बुरे बैक्टीरिया की संख्या कम हो सकती है।”
कब्ज़ से शुरुआत करें, जिससे लाखों लोगों प्रभावित है। कंबूचा के प्रोबायोटिक्स और ऑर्गेनिक एसिड्स आंतों की गतिशीलता बढ़ाकर मदद कर सकते हैं। 2022 में Nutrients जर्नल में प्रकाशित एक क्लिनिकल ट्रायल में, कब्ज़ IBS (IBS-C) वाली महिलाओं को इनुलिन और विटामिन्स युक्त कंबूचा दिया गया। 10 दिन तक 220 मिली रोज़ाना पीने पर प्रतिभागियों ने समस्या से छुटकारा पाने की बात बताई। व्यापक प्रोबायोटिक रिसर्च भी इसको समर्थन देती है।
दस्त में कंबूचा के प्रोबायोटिक्स संभावित रूप से मदद कर सकते हैं। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के अध्ययन के अनुसार, प्रोबायोटिक्स ऐसे दस्त को लगभग 60% तक कम कर सकते हैं। लेकिन, अधिक सेवन से कार्बोनेशन और FODMAPs की वजह से कभी-कभी दस्त बढ़ सकते हैं।
पेट फूलना और गैस की समस्या में भी कंबूचा कारगर है। इसके प्रोबायोटिक गुण गट फ्लोरा को संतुलित करके गैस उत्पादन कम कर सकते हैं। 2019 के BMC Gastroenterology की समीक्षा में IBS से जुड़े पेट फूलने में 70% मामलों तक सुधार पाया गया।
गैस्ट्राइटिस यानी पेट की परत की सूजन में कंबूचा के प्रोबायोटिक और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुणों को लाभकारी मानते हैं, जबकि अन्य इसकी कम pH (~3.5) के कारण इसे जोखिमपूर्ण मानते हैं। संक्षेप में, कॉम्बुचा पेट की समस्याओं में संभावित लाभ प्रदान कर सकता है, लेकिन यह कोई जादुई इलाज नहीं है। कब्ज़ और IBS में इसके लाभ सबसे अधिक समर्थित हैं। अम्लीय स्थितियों जैसे गैस्ट्राइटिस और रिफ्लक्स में सावधानी बरतनी चाहिए। रोज़ाना 4–8 औंस से शुरुआत करें, भरोसेमंद ब्रांड चुनें और यदि पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो डॉक्टर से सलाह लें।
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