महाराष्ट्र में 61 दिन का मॉनसून फिशिंग बैन लागू, 1 जून से समुद्र में नहीं उतर सकेंगी मशीन वाली नौकाएं

12 नॉटिकल मील के भीतर मछली पकड़ने पर सख्त रोक, उल्लंघन पर नाव, जाल और पकड़ जब्त होगी

महाराष्ट्र में 61 दिन का मॉनसून फिशिंग बैन लागू, 1 जून से समुद्र में नहीं उतर सकेंगी मशीन वाली नौकाएं

A 61-day monsoon fishing ban has been imposed in Maharashtra, with motorised boats prohibited from venturing into the sea from June 1.

महाराष्ट्र सरकार ने मॉनसून सीजन के दौरान समुद्री जीवों के प्रजनन संरक्षण को ध्यान में रखते हुए 1 जून से 31 जुलाई तक 61 दिनों का वार्षिक फिशिंग बैन लागू करने का फैसला किया है। इस अवधि में राज्य की समुद्री सीमा के भीतर मैकेनाइज्ड और मोटराइज्ड फिशिंग बोट्स के संचालन पर पूरी तरह रोक रहेगी।

रायगढ़ जिला प्रशासन द्वारा शुक्रवार (22 मई) को जारी बयान में कहा गया कि यह प्रतिबंध महाराष्ट्र मरीन फिशिंग रेगुलेशन एक्ट 1981 और उसके 2021 संशोधन के तहत लागू किया जा रहा है।

रायगढ़-अलीबाग के सहायक मत्स्य आयुक्त (तकनीकी) संजय पाटिल ने मछुआरों और नाव मालिकों से अपील की है कि वे इस 61 दिवसीय प्रतिबंध का पूरी तरह पालन करें। उन्होंने चेतावनी दी कि समुद्र तट से 12 नॉटिकल मील के भीतर प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों के मुताबिक नियम तोड़ने पर नाव, मछली पकड़ने के उपकरण और पकड़ी गई मछलियां जब्त की जा सकती हैं। साथ ही संशोधित कानून के तहत अधिकतम जुर्माना भी लगाया जाएगा।

मत्स्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध केवल मैकेनाइज्ड और मोटराइज्ड फिशिंग बोट्स पर लागू होगा। पारंपरिक गैर-मोटर चालित छोटी नावों को इस रोक से छूट दी गई है।

सरकार ने समुद्र में मौजूद सभी मैकेनाइज्ड फिशिंग बोट्स को 1 जून से पहले मछली पकड़ने वाले बंदरगाहों पर लौटने के निर्देश दिए हैं। इन नौकाओं को 31 जुलाई तक दोबारा समुद्र में जाने की अनुमति नहीं होगी।

अधिकारियों ने यह भी साफ किया कि प्रतिबंध अवधि के दौरान अवैध रूप से समुद्र में मछली पकड़ते समय यदि किसी मोटराइज्ड या मैकेनाइज्ड नाव के साथ दुर्घटना होती है, तो सरकार की ओर से किसी प्रकार का मुआवजा नहीं दिया जाएगा।

इसके अलावा प्रतिबंध अवधि में महाराष्ट्र की समुद्री सीमा के भीतर फिशिंग वेसल्स की आवाजाही पर भी रोक रहेगी। हालांकि 12 नॉटिकल मील से अधिक दूरी पर यानी राज्य की समुद्री सीमा से बाहर संचालित होने वाले जहाजों पर केंद्र सरकार की डीप-सी फिशिंग नीतियां और दिशानिर्देश लागू रहेंगे।

मत्स्य विभाग ने सभी मछुआरा सहकारी समितियों, नाव मालिकों और मछुआरा समुदाय से इस मौसमी प्रतिबंध का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि मॉनसून के दौरान समुद्री जीवों के प्रजनन और मत्स्य संसाधनों के संरक्षण के लिए यह कदम जरूरी है।

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