आंध्र प्रदेश के कोनसीमा में तेल कुएं से गैस रिसाव के बाद भड़की आग

खाली कराया गया गांव 

आंध्र प्रदेश के कोनसीमा में तेल कुएं से गैस रिसाव के बाद भड़की आग

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आंध्र प्रदेश के आंबेडकर कोनसीमा जिले में सोमवार (5 जनवरी)को ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) के एक चालू तेल कुएं से गैस रिसाव के बाद आग भड़क उठनेसे इलाके में दहशत फैल गई। घटना ONGC के उत्पादन ठेकेदार द्वारा संचालित कुएं पर हुई है, जिसके बाद एहतियातन आसपास के ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस घटना में किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई सूचना नहीं है। ONGC के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

स्थानीय निवासियों के मुताबिक, गैस घने कोहरे की तरह फैल गई और कई घरों के भीतर तक पहुंच गई, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम के तौर पर कुएं के आसपास के घरों को खाली कराया और लोगों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।

अधिकारियों के अनुसार,  जब तेल कुएं पर उत्पादन अचानक रुक गया और ‘वर्कओवर रिग’ से जुड़े ऑपरेशन चल रहे थे। इसी दौरान कच्चे तेल के साथ बड़ी मात्रा में गैस भी दबाव के साथ बाहर निकलने की बात सामने आई, जो तेजी से गांव की ओर फैल गई। ग्रामीणों ने तुरंत ONGC अधिकारियों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं।

राजोले सर्कल इंस्पेक्टर नरेश कुमार मौके पर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समन्वय कर रहे हैं। प्रशासन ने बताया कि गैस रिसाव के सटीक कारणों और किसी संभावित नुकसान का आकलन अभी किया जाना बाकी है। हालात को पूरी तरह नियंत्रण में लाने के लिए प्रयास जारी हैं और विस्तृत जांच बाद में की जाएगी।

इस बीच, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राजोले विधानसभा क्षेत्र के मलिकीपुरम मंडल स्थित इरसुमंडा गांव में ONGC ड्रिल साइट से गैस रिसाव की सूचना पर संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में मंत्री अच्चन्नायडू और वासमसेट्टी सुभाष तथा वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत कर स्थिति की समीक्षा की। मंत्रियों ने उन्हें बताया कि वे पहले से ही स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं और राहत व एहतियाती उपायों को और सख्त करने का सुझाव दिया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीणों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने स्थिति पर लगातार नजर रखने और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को भी कहा।

घटना के बाद जिला पुलिस अधीक्षक राहुल मीणा, सांसद गंती हरीश बालयोगी और राजोले विधायक देवा वरप्रसाद ने मौके का दौरा किया और ब्लोआउट से प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन पूरी तरह सुरक्षित होने तक निगरानी और एहतियात जारी रहेगी।

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