तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने पद संभालते ही तेजी से बड़े फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। रविवार(10 मई) को शपथ ग्रहण के तुरंत बाद विजय ने कई महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर किए और चुनावी वादों को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया। इनमें घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना, महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष बल का गठन और हर जिले में एंटी-ड्रग यूनिट स्थापित करने का फैसला शामिल है।
लेकिन इन फैसलों के बीच विजय का सबसे बड़ा राजनीतिक हमला पूर्व सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) सरकार पर रहा। मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय ने घोषणा की कि उनकी सरकार 2021 से 2026 के बीच राज्य की वित्तीय स्थिति पर एक श्वेत पत्र यानी व्हाइट पेपर जारी करेगी। विजय ने कहा, “DMK सरकार हमारे लिए 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज छोड़कर गई है। मैं तमिलनाडु की जनता को बताना चाहता हूं कि पिछली सरकार ने राज्य पर कितना आर्थिक बोझ छोड़ा है।”
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह बयान साफ संकेत देता है कि विजय सरकार आने वाले समय में DMK की आर्थिक नीतियों और प्रशासन को आक्रामक तरीके से निशाने पर रख सकती है।
मुख्यमंत्री के तौर पर अपने पहले संबोधन में विजय ने जनता से पारदर्शी प्रशासन देने का वादा किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार चुनावी घोषणापत्र में किए गए हर वादे को पूरा करने की कोशिश करेगी। उन्होंने कहा, “अगर आप मुझे समर्थन और अवसर देंगे तो मैं अपने सभी वादों को पूरा करने की पूरी कोशिश करूंगा।” विजय के इस बयान पर समारोह में मौजूद समर्थकों ने जोरदार तालियां बजाईं।
विजय ने अप्रत्यक्ष रूप से AIADMK पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार “बंद कमरों में राजनीति” नहीं करेगी और सभी फैसले पारदर्शी तरीके से लिए जाएंगे। गौरतलब है कि चुनाव परिणाम आने के बाद AIADMK द्वारा DMK के बाहरी समर्थन से सरकार गठन की संभावनाओं को लेकर चर्चा हुई थी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शिक्षा, खाद्य आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं और महिलाओं की सुरक्षा उनकी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहेंगे। हालांकि उन्होंने इन क्षेत्रों के लिए विस्तृत रोडमैप की घोषणा नहीं की। राजनीतिक स्थिरता को लेकर उठ रहे सवालों पर भी विजय ने अपनी स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि सरकार में कोई मल्टीपल पावर सेंटर नहीं होगा और प्रशासन में अंतिम निर्णय लेने का अधिकार केवल उनके पास रहेगा।
उनका यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में उनकी सरकार बेहद मामूली बहुमत के साथ सत्ता में आई है। सरकार को कई छोटे दलों के समर्थन का सहारा मिला हुआ है। अपने संबोधन में विजय ने राजनीतिक विरोधियों के प्रति भी नरम रुख दिखाया। उन्होंने कहा, “जिन लोगों ने मेरी आलोचना की और मेरा अपमान किया, वे भी मेरे ही लोग हैं।” उन्होंने तमिलनाडु के विकास में सभी को साथ लेकर चलने की बात कही।
विजय ने अपने समर्थकों, खासकर युवाओं और सोशल मीडिया पर सक्रिय कार्यकर्ताओं को भी विशेष संदेश दिया। उन्होंने कहा, “आप मेरी जिंदगी हैं। मेरे युवा ननबा और ननबी के लिए विजय मामा हमेशा अच्छा करेगा।” तमिल में “ननबा” और “ननबी” का अर्थ दोस्त होता है और विजय के प्रशंसक अक्सर इसी नाम से पहचाने जाते हैं।
उन्होंने अपनी पार्टी TVK के कार्यकर्ताओं और डिजिटल कैंपेन चलाने वाले समर्थकों का भी आभार जताया। विजय ने कहा, “आप लोगों के बिना मैं कुछ भी नहीं हूं। मेरे प्रिय वर्चुअल वॉरियर्स और सभी कार्यकर्ताओं का बहुत-बहुत धन्यवाद।”
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद लिए गए फैसलों से विजय यह संदेश देना चाहते हैं कि उनकी सरकार तेजी से काम करने वाली और चुनावी वादों को लागू करने के लिए गंभीर है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में उनकी सरकार इन घोषणाओं को किस तरह जमीन पर उतारती है।
यह भी पढ़ें:
भारत ने किया MIRV तकनीक वाली अग्नि-5 मिसाइल का सफल परीक्षण, 5000KM से ज्यादा रेंज
बांग्लादेशी न्यूज चैनल पर हुमायूं कबीर की मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को धमकी
तमिलनाडु में विजय सरकार में शामिल होते ही PM मोदी का हमला, बोले- “कांग्रेस ने DMK को धोखा दिया”
माली में इस्लमी जिहादियों की दरिंदगी; 80 लोगों के मारे जाने की आशंका
