देहरादून में मंगलवार (16 सितंबर) तड़के भारी बारिश के चलते आए क्लाउडबर्स्ट ने तबाही मचा दी। इस हादसे में कई गाड़ियां और दुकानें बह गईं, वहीं दो लोग लापता हो गए हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। क्लाउडबर्स्ट देर रात हुआ, जिसके बाद प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। जिला अधिकारी सविन बंसल, एसडीएम कुमकुम जोशी और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। डीएम ने रेस्क्यू टीमों को तत्काल लापता लोगों को खोजने का निर्देश दिया।
NDRF, SDRF, PWD और अन्य विभागों की टीमें बुलडोज़र और मशीनरी की मदद से मलबा हटाने और राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। जिले में हालात को देखते हुए डीएम ने कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वे लगातार प्रशासन के संपर्क में हैं और स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा,“देहरादून के सहस्त्रधारा क्षेत्र में कल देर रात भारी वर्षा से कुछ दुकानें क्षतिग्रस्त हुई हैं। जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और पुलिस मौके पर पहुंच चुकी हैं और राहत-बचाव कार्य में जुटी हैं। मैं लगातार स्थानीय प्रशासन से संपर्क में हूं और स्थिति पर व्यक्तिगत रूप से नजर बनाए हुए हूं।”
उत्तराखण्ड में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति पर आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री @AmitShah जी ने दूरभाष पर जानकारी प्राप्त की और हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। इस दौरान उन्हें प्रभावित क्षेत्रों में किए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी…
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) September 16, 2025
देहरादून के क्लाउडबर्स्ट के बाद ऋषिकेश में चंद्रभागा नदी उफान पर आ गई। नदी का पानी हाईवे तक भर गया, जिससे तीन लोग फंस गए थे। हालांकि, एसडीआरएफ टीम ने समय रहते उन्हें सुरक्षित निकाल लिया। इधर, पिथौरागढ़ जिले में भी एक बड़े भूस्खलन ने मार्ग को अवरुद्ध कर दिया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। प्रशासन सड़क खोलने के प्रयासों में लगा है।
इस मानसून में उत्तराखंड के कई हिस्से उत्तरकाशी के धराली-हर्षिल, चमोली के थराली, रुद्रप्रयाग के चेनागाड़, पौड़ी के सैंजी, बागेश्वर के कपकोट और नैनीताल जिले के कई क्षेत्रों में क्लाउडबर्स्ट और भूस्खलन से तबाही हुई है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से अब तक राज्य में प्राकृतिक आपदाओं ने 85 लोगों की जान ले ली है, 128 लोग घायल हुए हैं और 94 लोग अब भी लापता हैं।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देहरादून का दौरा कर राहत कार्यों की समीक्षा की थी। उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए 1,200 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की थी। साथ ही, मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की मदद देने की घोषणा की थी।
प्रधानमंत्री ने पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत बाढ़ और भूस्खलन में अनाथ हुए बच्चों को व्यापक सहयोग देने का आश्वासन भी दिया। दौरे के दौरान उन्होंने NDRF, SDRF और स्वयंसेवकों से मुलाकात कर उनके जमीनी प्रयासों की सराहना की। देहरादून का यह क्लाउडबर्स्ट राज्य के लिए एक और चेतावनी है कि उत्तराखंड का संवेदनशील भूभाग लगातार बदलते मौसम और प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहा है।
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