जनरल नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा विवाद में पेंगुइन प्रकाशन को दिल्ली पुलिस ने भेजा नोटिस

जनरल नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा विवाद में पेंगुइन प्रकाशन को दिल्ली पुलिस ने भेजा नोटिस

Delhi Police issues notice to Penguin Publications over General Naravane's unpublished autobiography controversy

पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ़ डेस्टिनी’ को लेकर मचे राजनीतिक विवाद के बीच दिल्ली पुलिस ने बुधवार (11 फरवरी)को प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया को नोटिस जारी किया है। दौरान बार बार यही सवाल उठाया गया था कि बिना प्रकाशित हुई किताब राहुल गांधी तक कैसे पहुंची।

अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने किताब के लीक होने को लेकर आपराधिक साजिश के आरोपों में मामला दर्ज किया है। इसके तहत पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया से अप्रकाशित स्क्रीप्ट से जुड़े कई सवालों के जवाब मांगे गए हैं और प्रकाशक को जांच में शामिल होने को कहा गया है। FIR दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर प्रकाशक की ओर से दो स्पष्टीकरण भी जारी किए गए।

दरअसल लोकसभा में राहुल गांधी ने सरकार की आलोचना करते हुए जनरल नरवणे की इस किताब के कथित अंशों का हवाला देने की कोशिश की। इन अंशों में दावा किया गया कि 2020 में भारत-चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव के दौरान, जब चीनी टैंक भारतीय क्षेत्र में आगे बढ़े, तब दिल्ली में राजनीतिक नेतृत्व ने स्पष्ट निर्देश देने में हिचक दिखाई और जनरल नरवणे से कहा गया, “जो आपको उचित लगे, वही करें।”

राहुल गांधी के ऐसा करते ही भाजपा ने तीखा विरोध दर्ज कराया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि किसी अप्रकाशित किताब को संसद में उद्धृत नहीं किया जा सकता। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने फैसला सुनाते हुए कहा कि राहुल गांधी ऐसी सामग्री का हवाला नहीं दे सकते क्योंकि यह अप्रकाशित साहित्य है और इसकी प्रामाणिकता प्रमाणित नहीं है।

इसके बावजूद राहुल गांधी ने संसद परिसर में किताब की हार्डबाउंड प्रति दिखाई और किताब की मौजूदगी न होने के दावों को चुनौती दी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा की वह इस प्रति प्रधानमंत्री को उपहार में देना चाहते हैं।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद यह सवाल और गहरा गया कि आधिकारिक रिलीज से पहले यह किताब राहुल गांधी तक कैसे पहुंची। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने बयान जारी कर स्पष्ट किया कि किताब अब तक औपचारिक रूप से प्रकाशित नहीं हुई है और रक्षा मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार कर रही है। प्रकाशक ने यह भी चेतावनी दी कि यदि कोई PDF या भौतिक प्रति प्रसारित हो रही है, तो वह कॉपीराइट उल्लंघन के दायरे में आएगा। जनरल नरवणे ने भी यही रुख अपनाते हुए कहा कि उनकी किताब अभी आधिकारिक रूप से जारी नहीं हुई है।

हालांकि, राहुल गांधी ने जनरल नरवणे के 2023 के एक ट्वीट का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने लिखा था, मेरी किताब अब उपलब्ध है, इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किताब अमेज़न पर प्री-ऑर्डर के लिए सूचीबद्ध थी। राहुल गांधी ने तर्क दिया कि या तो जनरल नरवणे या फिर प्रकाशक सच नहीं बोल रहा और उन्होंने कहा कि वह, “मैं सेना प्रमुख पर भरोसा करना चुनता हूं।”

इसके बाद पेंगुइन ने दूसरा स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि किताब केवल प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध है और अभी बिक्री पर नहीं आई है।

इस बीच दिल्ली पुलिस ने मैनुस्क्रिप्ट के डिजिटल और अन्य माध्यमों से अवैध प्रसार के आरोपों में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ‘राहुल गांधी देश के सामने एक काल्पनिक कहानी पेश करते हुए बेनकाब हुए हैं’ यह कहकर भाजपा ने उनसे सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की है।

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