तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के पाशमाईलाराम औद्योगिक क्षेत्र स्थित सिगाची इंडस्ट्रीज फार्मा फैक्ट्री में हुए भयावह विस्फोट में मृतकों की संख्या मंगलवार (1 जून )को बढ़कर 36 हो गई है। राहत और बचाव कर्मियों द्वारा मलबे से लगातार शव निकाले जा रहे हैं, जबकि कुछ घायल कर्मियों ने अस्पतालों में दम तोड़ दिया है। हाल ही में आयी फ्री प्रेस जरनल की रिपोर्ट अनुसार, गुजरी रात 15 इलाजरत मजूदरों ने अस्पताल में दम तोडा।
तीन मंजिला इमारत धमाके के प्रभाव से पूरी तरह ढह गई, जिसके नीचे कई श्रमिकों के फंसे होने की आशंका है। घटनास्थल पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), हैदराबाद डिजास्टर रिस्पॉन्स एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी (HYDRAA), राजस्व विभाग और पुलिस के जवान मलबा हटाने के काम में लगातार जुटे हैं।
धमाके के वक्त फैक्ट्री में कुल 108 श्रमिक मौजूद थे। अधिकांश मृतक बिहार, उत्तर प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्यों से आए प्रवासी मज़दूर हैं। यह विस्फोट सोमवार सुबह 8:15 से 9:35 बजे के बीच सिगाची इंडस्ट्रीज लिमिटेड की माइक्रोक्रिस्टलाइन सेलुलोज़ (MCC) ड्राइंग यूनिट में हुआ था। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि इसकी आवाज़ 5 किलोमीटर दूर तक सुनी गई, और इसके कारण भयंकर आग लग गई जिसे 15 दमकल गाड़ियों की मदद से बुझाया गया।
आंखों देखी बताने वालों के अनुसार, विस्फोट के समय कई मजदूर हवा में उछलकर कई मीटर दूर जा गिरे। कुछ के शव टुकड़ों में मिले या बुरी तरह से जल चुके हैं, जिससे पहचान मुश्किल हो रही है। प्रशासन डीएनए परीक्षण की मदद से शवों की पहचान कर रहा है। अब तक जिन मृतकों की पहचान हुई है, उनमें जगनमोहन, राम सिंह, शशिभूषण कुमार और लगनजीत शामिल हैं।
स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजा नरसिम्हा और श्रम मंत्री जी. विवेक ने मंगलवार (1 जुलाई )सुबह फिर से घटनास्थल का दौरा किया। तेलंगाना पुलिस महानिदेशक जितेंद्र और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य की निगरानी की। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी भी आज दोपहर में घटनास्थल का दौरा करेंगे और घायलों से मुलाकात के लिए सरकारी अस्पताल भी जाएंगे।
राज्य सरकार ने इस हादसे की गहन जांच के लिए उच्चस्तरीय पांच-सदस्यीय समिति गठित की है। इसमें मुख्य सचिव, विशेष मुख्य सचिव (आपदा प्रबंधन), प्रमुख सचिव (श्रम और स्वास्थ्य) और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (फायर सर्विसेज) शामिल हैं। यह समिति हादसे के कारणों की पड़ताल करेगी और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सिफारिशें देगी।
यह तेलंगाना के औद्योगिक इतिहास की सबसे भीषण दुर्घटनाओं में से एक है। इस हादसे ने एक बार फिर राज्य की औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर कर दिया है। संगारेड्डी-पाशमाईलाराम औद्योगिक क्षेत्र में पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रभावी सुधार नहीं किए गए।
तेलंगाना सरकार के सामने अब यह चुनौती है कि दोषियों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाए और औद्योगिक इलाकों में मज़दूरों की सुरक्षा के लिए मजबूत निगरानी और जवाबदेही प्रणाली स्थापित की जाए। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के दौरे और जांच समिति की सिफारिशें अब इस दिशा में निर्णायक साबित हो सकती हैं।
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