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Wednesday, February 11, 2026
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रेलवे ने बढ़ाया किराया; नॉन एसी टिकट पर हर 500 किलोमीटर पर 10 रुपये बढे!

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भारतीय रेल ने यात्रियों के लिए 26 दिसंबर से किराया बढ़ाने का फैसला किया है, जिसके बाद लंबी दूरी की ट्रेन यात्राएं महंगी हो जाएंगी। हालांकि, उपनगरीय (सब-अर्बन) ट्रेनों और 215 किलोमीटर तक की सामान्य श्रेणी (जनरल क्लास) की यात्रा पर इस बढ़ोतरी का कोई असर नहीं पड़ेगा। रेलवे के इस कदम को बढ़ती परिचालन लागत और कर्मचारियों से जुड़े खर्चों की भरपाई से जोड़कर देखा जा रहा है।

रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, 215 किमी से अधिक दूरी की सामान्य श्रेणी यात्रा पर 1 पैसा प्रति किलोमीटर की दर से किराया बढ़ाया गया है। वहीं, मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की नॉन-एसी श्रेणियों में यह बढ़ोतरी 2 पैसे प्रति किलोमीटर होगी। एसी कोचों में यात्रा करने वाले यात्रियों को भी 2 पैसे प्रति किलोमीटर अधिक चुकाने होंगे।

इस बढ़ोतरी का असर यात्रियों की जेब पर सीमित लेकिन स्पष्ट रूप से पड़ेगा। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई यात्री 500 किलोमीटर की यात्रा नॉन-एसी कोच में करता है, तो नए किराए के लागू होने के बाद उसे करीब 10 रुपये अधिक चुकाने होंगे। रेलवे का कहना है कि किराया वृद्धि को यथासंभव न्यूनतम रखा गया है, ताकि आम यात्रियों पर अधिक बोझ न पड़े।

रेलवे ने किराया बढ़ाने के पीछे पिछले एक दशक में नेटवर्क और परिचालन के बड़े विस्तार का हवाला दिया है। विभाग के अनुसार, इस दौरान न केवल ट्रेनों और रूट्स की संख्या बढ़ी है, बल्कि कर्मचारियों की संख्या और उनसे जुड़ा खर्च भी तेजी से बढ़ा है। रेलवे ने बताया कि मैनपावर लागत बढ़कर 1.15 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जबकि पेंशन पर खर्च करीब 60 हजार करोड़ रुपये हो गया है। इसके अलावा, 2024-25 वित्त वर्ष में कुल परिचालन लागत 2.63 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

रेलवे का कहना है कि इस किराया वृद्धि से उसे सालाना लगभग 600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी होने की उम्मीद है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बढ़ती लागत की भरपाई के लिए वह कार्गो लोडिंग बढ़ाने और यात्री किराए में सीमित वृद्धि जैसे उपायों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी रेलवे ने जुलाई में किराया बढ़ाया था, जब मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की नॉन-एसी श्रेणी में 1 पैसा प्रति किलोमीटर और एसी श्रेणियों में 2 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी की गई थी। वहीं, इससे पहले 1 जनवरी 2020 को भी ट्रेन किराए में संशोधन हुआ था। उस समय साधारण और मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की सेकेंड क्लास में क्रमशः 1 और 2 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी की गई थी, जबकि स्लीपर और सभी एसी श्रेणियों में किराया 2 से 4 पैसे प्रति किलोमीटर तक बढ़ाया गया था।

रेलवे के इस ताजा फैसले से जहां लंबी दूरी के यात्रियों की लागत बढ़ेगी, वहीं विभाग इसे वित्तीय संतुलन बनाए रखने और भविष्य की सेवाओं में सुधार के लिए जरूरी कदम बता रहा है।

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