रोहिणी कोर्ट में वकील से बहस करने वाले जज का ट्रांसफर; न्यायाधीश को न्यायिक अकादमी भेजा

बार एसोसिएशन ने न्यायिक आचरण पर उठाए सवाल

रोहिणी कोर्ट में वकील से बहस करने वाले जज का ट्रांसफर; न्यायाधीश को न्यायिक अकादमी भेजा

Judge who argued with lawyer at Rohini court transferred; sent to Judicial Academy

दिल्ली की रोहिणी अदालत में जिला जज और वकीलों के बीच हुए आमने सामने के झगड़े का वीडिओ वायरल होने के बाद मामला बड़ा प्रशासनिक मुद्दा बन गया। वायरल वीडियो और बढ़ते विरोध के बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने रोहिणी कोर्ट के जिला जज राकेश कुमार को तत्काल प्रभाव से नियमित न्यायिक कार्य से हटा दिया है। हाईकोर्ट ने उन्हें दिल्ली न्यायिक अकादमी से संबद्ध कर दिया है, जहां वे फिलहाल प्रशिक्षण या प्रशासनिक कार्य से जुड़े रहेंगे।

यह पूरा विवाद शनिवार (16 मई) को रोहिणी कोर्ट की कोर्ट नंबर 212 में सुनवाई के दौरान शुरू हुआ। जानकारी के अनुसार, रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता राजीव तहलान ने एक मामले में सामान्य पासओवर यानी थोड़ी देर बाद सुनवाई का अनुरोध किया था। इसी दौरान जज ने ऐसा करने से मना कर दिया, जिससे अदालत में माहौल अचानक गर्म हो गया और बहस तीखी नोकझोंक में बदल गई।

आरोप है कि जज राकेश कुमार ने वकीलों से बातचीत के दौरान आपत्तिजनक और आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया। वायरल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जज को कहते हुए सुना जा सकता है की, “जो करना है कर लो”, “आपके बाप दादा बैठे हैं हाई कोर्ट सुप्रीम कोर्ट में?”  वकीलों का यह भी आरोप है कि न्यायाधीश ने कानूनी बिरादरी के खिलाफ अभद्र शब्दों का प्रयोग किया, जिसमें जज ने वकील के लिए चूतिया जैसे अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल किया ।

दूसरी ओर, अदालत में मौजूद कुछ वकीलों ने भी जज के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया दी। वायरल वीडियो में कुछ अधिवक्ता न्यायाधीश पर अपने चैंबर में काम करने के बजाय शराब पीने के आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं। कुछ ने उन्हें “नशेड़ी” तक कहा। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कोर्ट स्टाफ को बीच-बचाव करना पड़ा ताकि मामला शारीरिक झड़प तक न पहुंचे।

घटना के बाद दिल्ली की सभी जिला अदालत बार एसोसिएशनों की कोऑर्डिनेशन कमेटी ने कड़ा बयान जारी किया। समिति ने जज के व्यवहार को अत्यधिक आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि यह पूरे वकील समुदाय और न्याय व्यवस्था की गरिमा के खिलाफ है। कमेटी ने हाईकोर्ट से निष्पक्ष जांच और सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की।

समिति ने अपने प्रस्ताव में कहा, “पूरी बातचीत के बाद, कोऑर्डिनेशन कमेटी ने तय किया कि DJ-04 श्री राकेश कुमार-V, नॉर्थ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट, रोहिणी कोर्ट्स को तुरंत रोहिणी कोर्ट्स से ट्रांसफर कर दिया जाए, उनसे सारा कोर्ट का काम तुरंत ले लिया जाए और उनके बर्ताव की जल्द से जल्द जांच शुरू की जाए।”

कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं और बार नेताओं ने इस घटना को बार की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए न्यायिक जवाबदेही की मांग की। विरोध प्रदर्शन बढ़ने के बाद दिल्ली की जिला अदालतों में कामकाज ठप होने की आशंका भी जताई जा रही थी। हालांकि हाईकोर्ट की त्वरित कार्रवाई के बाद संभावित बहिष्कार टल गया।

दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब जिला जज धीरज मित्तल रोहिणी कोर्ट में राकेश कुमार की जगह कार्यभार संभालेंगे। हालांकि अभी तक हाईकोर्ट ने इस पूरे विवाद पर किसी औपचारिक जांच की घोषणा नहीं की है।

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