करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद तेंदुआ आखिरकार खुद ही तारों से निकलने में कामयाब हो गया। जैसे ही वह आजाद हुआ, वह तेजी से जंगल की ओर भाग गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि तेंदुआ जंगल में गायब हो गया और उसके बाद उसकी कोई खबर नहीं मिली। इस पूरी घटना में तेंदुए को कोई गंभीर चोट नहीं आई।
हालांकि, ग्रामीणों में नाराजगी है, क्योंकि इस दौरान वन विभाग की ओर से कोई टीम नहीं पहुंची। लोगों का कहना है कि तेंदुआ इतने लंबे समय तक तारों में फंसा रहा। लेकिन, वनकर्मियों ने उसे बचाने या पकड़ने के लिए कोई प्रयास नहीं किया।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि पिछले कई महीनों से बोर्डी और आसपास के इलाकों में तेंदुए की मौजूदगी बार-बार देखी जा रही है। कभी वह खेतों के पास दिखता है, तो कभी गांव की गलियों में। इससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ऐसे इलाकों में तेंदुओं का आना आम बात है, क्योंकि यहां जंगल और बस्तियां करीब-करीब हैं। मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। फिर भी, ग्रामीणों की मांग है कि ऐसी घटनाओं में तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए ताकि जानवर और इंसान दोनों सुरक्षित रहें।



