लाल किले धमाके के घायलों से मिलने LNJP अस्पताल पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, जताई संवेदना

लाल किले धमाके के घायलों से मिलने LNJP अस्पताल पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, जताई संवेदना

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दिल्ली के लाल किले के पास हुए भीषण धमाके के एक दिन बाद, जिसमें 12 लोगों की मौत और 24 घायल हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को सीधे लोक नायक जयप्रकाश (LNJP) अस्पताल पहुंचे और घायलों से मुलाकात की। प्रधानमंत्री मोदी सोमवार (10 नवंबर) देर रात भूटान की दो दिवसीय राजकीय यात्रा से लौटे और बिना विश्राम किए सीधे अस्पताल पहुंचे। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने घायलों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की, उनका हालचाल जाना और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन ने प्रधानमंत्री को इलाज और चिकित्सा स्थिति की विस्तृत जानकारी दी।

सोमवार की शाम हुए इस उच्च तीव्रता वाले धमाके ने राजधानी को दहला दिया। यह विस्फोट लाल किले के पास उस समय हुआ जब आसपास पर्यटकों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ थी। धमाके के बाद कई वाहनों में आग लग गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट “इतना तेज था कि आसमान में धुएं का गुबार उठ गया और कई मीटर तक झटके महसूस किए गए।”

पुलिस और एनएसजी (National Security Guard) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और इलाके को घेरकर जांच शुरू की। दिल्ली पुलिस ने बताया कि 10 लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि 24 से अधिक लोग घायल हैं जिनमें कुछ की हालत गंभीर है।

इस हमले के तुरंत बाद जांच एजेंसियों को एक बड़ा सुराग हरियाणा के फरीदाबाद से मिला, जहां जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसर गजवात-उल-हिंद से जुड़े एक आतंकी मॉड्यूल के ठिकाने पर छापा मारकर 2,900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। सूत्रों का कहना है कि बरामद सामग्री में IED (Improvised Explosive Device) बनाने के लिए प्रयुक्त रसायन शामिल थे।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा (Special Cell) यह जांच कर रही है कि फरीदाबाद से मिले रसायनों और लाल किले धमाके के बीच कोई लॉजिस्टिक या नेटवर्क लिंक तो नहीं है।

अस्पताल में मौजूद सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा कि “किसी निर्दोष की जान लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यह भारत के खिलाफ युद्ध जैसा कृत्य है और दोषियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।” उन्होंने घायलों के परिवारों को आश्वासन दिया कि सरकार उनके उपचार और पुनर्वास की पूरी जिम्मेदारी उठाएगी।

इस घटना के बाद पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रमुख सरकारी इमारतों, मेट्रो स्टेशनों और पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। लाल किले धमाका मामले में शुरुआती जांच यह संकेत दे रही है कि यह हमला संगठित आतंकी साजिश का हिस्सा हो सकता है, जिसे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से समर्थन प्राप्त था। जांच टीमें विस्फोटक के स्रोत और हमलावरों की पहचान में जुटी हैं।

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