Mumbai: BEST की किराया घटाकर यात्रियों को वापस लाने की योजना

छोटे रूट्स पर मिलेगा लाभ

Mumbai: BEST की किराया घटाकर यात्रियों को वापस लाने की योजना

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मुंबईवासियों के लिए एक राहत भरी खबर है। हाल ही में न्यूनतम किराया दोगुना करने के बाद यात्रियों की संख्या में आई भारी गिरावट को देखते हुए BEST (बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट) प्रशासन अब किराया संरचना की फिर से समीक्षा कर रहा है। जानकारी के अनुसार, छोटे रूट्स पर किराया घटाने और किराये को ज्यादा “डायनामिक” बनाने की योजना पर विचार किया जा रहा है।

BEST के महाप्रबंधक एस.वी.आर. श्रीनिवास ने मीडिया से बातचीत में कहा, “यह योजना अभी शुरुआती चरण में है। यह केवल किराया घटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि हम एक ज्यादा लचीली किराया संरचना पर काम कर रहे हैं, जिसमें समय-समय पर अतिरिक्त स्लैब जोड़े जा सकते हैं। हम इंटरमीडिएट पब्लिक ट्रांसपोर्ट (आईपीटी) के किरायों और अन्य कारकों को ध्यान में रख रहे हैं।”

BEST ने मई 2025 में न्यूनतम किराया बढ़ाकर गैर-एसी बसों के लिए ₹10 और एसी बसों के लिए ₹12 कर दिया था। इससे पहले यह किराया ₹5 था। नतीजा यह हुआ कि यात्रियों ने जल्दी और अधिक बार मिलने वाले ऑटो रिक्शा जैसे विकल्पों को चुनना शुरू कर दिया, जिससे BEST की रोज़ाना सवारियों की संख्या 2.6 मिलियन से घटकर 2 मिलियन पर आ गई।

पिछले साल मई 2024 में जहां कुल 80.8 मिलियन यात्रियों ने BEST से सफर किया था, वहीं इस साल मई 2025 में यह आंकड़ा घटकर 59.5 मिलियन पर आ गया।

किराया बढ़ाकर BEST को सालाना ₹590 करोड़ की अतिरिक्त आमदनी की उम्मीद थी, लेकिन सवारियों में आई गिरावट ने इन अनुमानों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह स्थिति पहले भी 2019 में देखी जा चुकी है, जब किराया बढ़ाने पर यात्री घटे और प्रशासन को फिर से किराया घटाना पड़ा था।

यात्रियों को लौटाने के लिए BEST रूट रेशनलाइजेशन यानी रूटों में बदलाव पर भी काम कर रहा है। हाल ही में 30 से अधिक रूटों में बदलाव किए गए हैं ताकि लास्ट माइल कनेक्टिविटी बेहतर हो सके। गौरतलब है कि BEST की कुल 2,594 बसों की ऑपरेशनल फ्लीट में से केवल 437 बसें ही उसकी खुद की हैं, जबकि बाकी 2,157 बसें निजी ऑपरेटरों से वेट लीज पर ली गई हैं। यानी अब BEST के पास अपनी सिर्फ 17% बसें ही बची हैं।

BEST की ओर से यह संकेत है कि यदि यह योजना सफल रही तो यात्रियों के लिहाज से और भी परिवर्तन संभव हैं। फिलहाल, शहरवासियों को उम्मीद है कि किराया कम करने के साथ-साथ सेवा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। वहीं, प्रशासन को भी साफ है कि यदि यात्री नहीं लौटे, तो राजस्व संकट और बढ़ सकता है।

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